छत्तीसगढ़ : बलरामपुर जिले के डिपाडीह कला में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम उस समय चर्चा में आ गया जब सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराजगी जताई। मंच से ही दिए गए उनके तीखे बयान ने पूरे कार्यक्रम का माहौल बदल दिया।
श्रम पंजीयन में लापरवाही पर मंच से सख्त रुख
कार्यक्रम के दौरान मजदूरों के श्रम पंजीयन में लापरवाही और योजनाओं का लाभ समय पर न मिलने की शिकायतें सामने आईं। इसी पर सांसद चिंतामणि महाराज ने श्रम विभाग के अधिकारी को मंच पर बुलाकर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
अधिकारियों को दिए स्पष्ट और सख्त निर्देश
सांसद ने मंच से ही अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने और श्रमिक पंजीयन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उनके इस सख्त रवैये से कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों के बीच हलचल देखी गई।
ग्रामीणों की मौजूदगी में दिखा प्रशासन पर दबाव
सुशासन तिहार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान सांसद की नाराजगी ने प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। मौके पर मौजूद लोगों ने भी श्रमिकों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से उठाया।
मजदूरों की समस्याओं पर बढ़ी चिंता
सांसद की फटकार के बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है कि श्रमिक वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर क्यों नहीं पहुंच पा रहा है। श्रम पंजीयन जैसी बुनियादी प्रक्रिया में देरी से मजदूरों को कई सुविधाओं से वंचित होना पड़ता है।




















