महासमुंद में गैस सिलेंडर लेने के नियम बदले, अब बिना ओटीपी नहीं मिलेगा कनेक्शन

 छत्तीसगढ़ : में घरेलू गैस वितरण को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। महासमुंद जिले में अब बिना ओटीपी बताए किसी भी उपभोक्ता को घरेलू गैस सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। नई व्यवस्था लागू होते ही गैस एजेंसियों में हलचल बढ़ गई है।

डिलीवरी के समय मोबाइल ओटीपी बताना जरूरी

नई प्रणाली के तहत गैस वितरण के समय उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। सिलेंडर प्राप्त करने के लिए इस ओटीपी को बताना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य गलत वितरण और फर्जी लेनदेन पर रोक लगाना है।

कॉमर्शियल सिलेंडर की मांग में अचानक उछाल

इसी बीच जिले में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की मांग तेजी से बढ़ी है। नए पंजीयनों की संख्या बढ़ने के कारण गैस एजेंसियों पर दबाव भी बढ़ गया है। स्थिति यह है कि होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को उनकी कुल मांग का केवल लगभग 40 फीसदी कॉमर्शियल सिलेंडर ही मिल पा रहा है।

घरेलू सिलेंडर से दूरी, कॉमर्शियल उपयोग की ओर बढ़ा रुझान

पहले कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान 14 किलो वाले घरेलू सिलेंडर का उपयोग करते थे, लेकिन नियमों में सख्ती आने के बाद अब 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की मांग तेजी से बढ़ गई है। इससे कॉमर्शियल गैस की खपत लगभग दोगुनी हो चुकी है।

सरकार का दावा, आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह मजबूत

राजधानी रायपुर में अधिकारियों ने प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि राज्य में एलपीजी और पेट्रोल डीजल की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति तंत्र पूरी तरह सक्रिय है और किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए पर्याप्त भंडारण और वितरण की व्यवस्था पहले से तैयार है।

लाइन और बढ़ती मांग के बीच संतुलन की चुनौती

नई व्यवस्था लागू होने के बाद एक ओर जहां पारदर्शिता बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर बढ़ती मांग के कारण एजेंसियों पर दबाव भी बना रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में वितरण व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

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