मुंगेली : जिले में सेवानिवृत्त लेखापाल की हत्या के मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि इस जघन्य अपराध के पीछे कोई बाहरी गिरोह नहीं, बल्कि मृतक के अपने सगे भाई और करीबी परिजन ही शामिल थे। करोड़ों की संपत्ति हड़पने की नीयत से आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से अपहरण कर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
इस मामले में पुलिस ने कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 4 नाबालिग भी शामिल हैं।
ऐसे खुली साजिश की परतें
थाना लालपुर क्षेत्र से लापता हुए सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर सिंह राजपूत की तलाश के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। सीसीटीवी फुटेज और त्रिनयन एप की मदद से एक संदिग्ध वाहन की पहचान की गई, जिसके बाद जांच की दिशा स्पष्ट हुई और धीरे धीरे पूरा नेटवर्क सामने आ गया।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने पहले दामोदर और उनके बेटे के बीच चल रहे विवाद का फायदा उठाया। इसके बाद उन्होंने मृतक को यह विश्वास दिलाया कि उसके बेटे से उसे जान का खतरा है। इसी बहाने उसकी संपत्ति अपने नाम करवा ली गई। बेटे को हक से दूर रखने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए गए।
सुनसान जगह पर की हत्या, जंगल में दफनाया शव
घटना वाले दिन आरोपियों ने दामोदर सिंह को सुनसान रास्ते में रोककर गला घोंट दिया। हत्या के बाद शव को दूसरे जिले में ले जाकर जंगल में दफना दिया गया, ताकि किसी को भनक न लगे।
पुलिस को भ्रमित करने के लिए आरोपियों ने मृतक का मोबाइल फोन प्रयागराज ले जाकर गंगा नदी में फेंक दिया। इस पूरी साजिश का मकसद यह दिखाना था कि दामोदर साधु बनकर कहीं चले गए हैं।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस ने इस मामले में 11 वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल वाहन और सुपारी के रूप में दी गई नकदी भी जब्त की गई है।
सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है और पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
रिश्तों पर उठे सवाल
यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि लालच में अंधे हुए रिश्तों की भयावह तस्वीर भी पेश करती है। जिस परिवार पर भरोसा था, उसी ने विश्वास को तोड़ते हुए अपराध की ऐसी कहानी लिख दी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।



















