रायपुर : त्योहारों के बीच मिलावटी और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार 31 अक्टूबर को विभाग की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में मिठाई और बेकरी प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के निर्माण और भंडारण में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। कार्रवाई के दौरान तीन प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए, जबकि बड़ी मात्रा में मिठाइयां और ब्रेड नष्ट कराई गई। एक अन्य प्रतिष्ठान से हजारों किलो मिठाई जब्त की गई।यह अभियान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के निर्देश पर चलाया गया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक अग्रवाल ने स्वयं टीम के साथ विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
तीन प्रतिष्ठानों पर गिरी गाज, संचालन पर लगाई रोक
जांच के दौरान गंभीर स्वच्छता संबंधी कमियां मिलने पर खत्री स्वीट्स बिरगांव, लक्ष्मी फूड प्रोडक्ट्स (ब्रेड बास्केट) समता कॉलोनी और अग्रवाल मिठाई वाला के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित स्वच्छता मानकों का पूर्ण पालन होने तक इन प्रतिष्ठानों को संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी।कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए गए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है।
खत्री स्वीट्स में दूध के अंदर मिले कीड़े
बिरगांव स्थित खत्री स्वीट्स में निरीक्षण के दौरान मिठाई बनाने की व्यवस्था बेहद खराब पाई गई। सबसे गंभीर मामला दूध में कीड़े पाए जाने का सामने आया। इसके अलावा काजू और तैयार मिठाइयों की गुणवत्ता पर भी संदेह जताया गया।विभागीय अधिकारियों ने प्रतिष्ठान से काजू, बूंदी, शक्कर और मिल्क केक के नमूने लिए। मौके पर करीब 80 लीटर दूध, 3 किलो केक और 20 किलो चमचम समेत अन्य खाद्य सामग्री को नष्ट कराने की कार्रवाई की गई।
ब्रेड फैक्ट्री में चूहों का जमावड़ा, 80 किलो ब्रेड नष्ट
समता कॉलोनी के लक्ष्मी फूड प्रोडक्ट्स यानी ब्रेड बास्केट में भी स्वच्छता की स्थिति बेहद चिंताजनक मिली। निरीक्षण के दौरान परिसर में कई चूहे घूमते दिखाई दिए। स्टोर रूम में गंदगी का अंबार था और खाद्य पदार्थों के निर्माण तथा भंडारण में जरूरी साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा था।विभाग ने कार्रवाई करते हुए करीब 80 किलो विभिन्न किस्म की ब्रेड नष्ट कराई। गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया।
अग्रवाल मिठाई वाला से बड़ी मात्रा में मिठाइयां नष्ट
रामकृष्ण हॉस्पिटल के पास स्थित अग्रवाल मिठाई वाला के निर्माण स्थल पर भी गंदगी मिली। टीम ने यहां से बेसन, लड्डू और घी के नमूने जांच के लिए एकत्र किए।इसके अलावा विभाग ने बड़ी मात्रा में तैयार खाद्य सामग्री को नष्ट कराने की कार्रवाई की। इसमें 100 किलो बालूशाही, 25 किलो रसगुल्ला, 10 किलो काजू खोवा, 5 किलो दूध खोवा, 25 किलो खोवा-काजू मिक्स और चाट मसाले के 4 पैकेट शामिल हैं।
बिना लाइसेंस चल रहा था कृष्णा स्वीट्स, हजारों किलो मिठाई जब्त
कमल विहार स्थित कृष्णा स्वीट्स में जांच के दौरान एक और बड़ी अनियमितता सामने आई। प्रतिष्ठान बिना खाद्य अनुज्ञप्ति के संचालित हो रहा था। यहां अलग-अलग प्रकार की पैक्ड मिठाइयों का कारोबार किया जाता था।विभागीय टीम ने यहां से कुन्दा और मैसूर पाक के नमूने लिए। साथ ही 720 किलो डिलिशियस स्वीट्स, 112 किलो मैसूर पाक और 3,960 किलो कुन्दा जब्त किया गया।
खाद्य सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं होगा: दीपक अग्रवाल
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि आम लोगों की सेहत के साथ किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव के निर्देशों के अनुरूप खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।उन्होंने कहा कि निलंबित किए गए तीनों प्रतिष्ठानों को स्वच्छता संबंधी सभी निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
त्योहारी सीजन में खाद्य कारोबारियों पर बढ़ेगी निगरानी
त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। रायपुर में हुई इस कार्रवाई से साफ है कि खाद्य विभाग अब नियमों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्ती बरतने के मूड में है।



















