नई दिल्ली: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो चार दिन के भारत दौरे पर पहुंचे हैं। 23 मई से 26 मई तक चलने वाली यह यात्रा कई मायनों में बेहद अहम मानी जा रही है। विदेश मंत्री बनने के बाद यह रुबियो की पहली आधिकारिक भारत यात्रा है, ऐसे में दुनियाभर की नजर इस दौरे पर टिकी हुई है।भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से व्यापार और टैरिफ को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई थी। ऐसे में माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर खुलकर चर्चा हो सकती है।
कोलकाता से हुई दौरे की शुरुआत
मार्को रुबियो ने अपने भारत दौरे की शुरुआत कोलकाता से की। यहां वह मदर टेरेसा की संस्था मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय ‘मदर हाउस’ और बच्चों के होम का दौरा करेंगे। इसके अलावा उनके विक्टोरिया मेमोरियल जाने की भी संभावना जताई गई है।इस दौरे का एक बड़ा उद्देश्य पिछले साल के मध्य से दोनों देशों के बीच बने तनावपूर्ण माहौल को बेहतर करना भी माना जा रहा है।
PM मोदी और एस जयशंकर से होगी बड़ी बैठक
कोलकाता के बाद रुबियो नई दिल्ली पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी। इसके अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक भी तय है।इन बैठकों में रक्षा सहयोग, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, नई टेक्नोलॉजी, इंडो-पैसिफिक रणनीति और QUAD सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
250वीं अमेरिकी स्वतंत्रता वर्षगांठ कार्यक्रम में भी होंगे शामिल
भारत दौरे के दौरान मार्को रुबियो अमेरिकी दूतावास में आयोजित 250वीं अमेरिकी स्वतंत्रता वर्षगांठ कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। इसके बाद उनका आगरा और जयपुर दौरा प्रस्तावित है।आगरा में वह ताजमहल समेत कई ऐतिहासिक स्थलों का दौरा कर सकते हैं, जबकि जयपुर में सांस्कृतिक और कूटनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
दिल्ली में जुटेंगे QUAD देशों के विदेश मंत्री
26 मई को नई दिल्ली में QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक आयोजित होगी, जिसकी मेजबानी भारत करेगा। इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल होंगे।बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, चीन की बढ़ती गतिविधियां, समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चेन और रणनीतिक सहयोग जैसे विषयों पर गहन चर्चा होने की संभावना है।
भारत को ऊर्जा सप्लाई बढ़ाना चाहता है अमेरिका
भारत रवाना होने से पहले मार्को रुबियो ने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की काफी संभावनाएं मौजूद हैं।अमेरिका आने वाले समय में भारत को ज्यादा तेल और गैस सप्लाई करने की दिशा में भी काम कर रहा है।



















