बिलासपुर। 14 अप्रैल 2026। ढाबा संचालक से अवैध शराब के नाम पर वसूली और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने के गंभीर आरोपों के बाद पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई की गई है। एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है।
खंडहर में रखकर सौदेबाजी का आरोप, सामने आया पूरा मामला
जानकारी के अनुसार मस्तूरी थाना क्षेत्र के दर्रीघाट स्थित एक ढाबे में पुलिस टीम ने दबिश दी थी। आरोप है कि एएसआई शिव चंद्रा, रीडर आरक्षक शशिकरण कुर्रे और एसडीओपी के गनमैन ने ढाबा संचालक को पकड़ा और थाने ले जाने के बजाय उसे थाने के पीछे एक पुराने खंडहरनुमा भवन में ले गए।
झूठे केस की धमकी देकर पैसों की मांग का आरोप
ढाबा संचालक का आरोप है कि उस पर अवैध शराब बेचने का आरोप लगाकर आबकारी एक्ट में जेल भेजने की धमकी दी गई और बाद में कार्रवाई से बचाने के नाम पर पैसे मांगे गए। इसी दौरान थाने के अन्य पुलिसकर्मियों को मामले की जानकारी मिल गई, जिसके बाद संचालक को बिना कार्रवाई छोड़ दिया गया।
पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी ने लिया एक्शन
मामले से मुक्त होने के बाद ढाबा संचालक ने पूरी घटना की शिकायत एसएसपी रजनेश सिंह से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया।
अन्य तबादले भी जारी, विभाग में बदलाव
इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस विभाग में अन्य तबादले भी किए गए हैं। इनमें एएसआई ढोलाराम मरकाम को पुलिस लाइन से मस्तूरी, मनोज यादव को पुलिस लाइन से सिविल लाइन और आरक्षक अरविंद अनंत को कोटा से सीपत भेजा गया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल, जांच आगे जारी
इस पूरे मामले के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अवैध वसूली और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



















