रायपुर। छत्तीसगढ़ के 2161 करोड़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा को न्यायिक रिमांड समाप्त होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में पेश किया गया। इससे पहले कोर्ट ने उनकी रिमांड 14 दिन के लिए बढ़ाई थी।
शराब घोटाले में गंभीर आरोप
ED ने जनवरी में लखमा को इस मामले में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने हर महीने करीब 2 करोड़ रुपये अवैध रूप से लिए, जिससे उनकी कुल अवैध आय 72 करोड़ रुपये आंकी गई। यह भी कहा जा रहा है कि इस रकम का इस्तेमाल कांग्रेस कार्यालय और बेटे के घर निर्माण में किया गया।
गिरफ्तारी और पूछताछ का सिलसिला
-
15 जनवरी को ED ने लखमा को गिरफ्तार किया।
-
गिरफ्तारी से पहले दो बार ED कार्यालय बुलाकर पूछताछ हुई।
-
पहले 7 दिन की कस्टोडियल रिमांड में पूछताछ की गई।
-
फिर 21 जनवरी से 4 फरवरी तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
-
18 फरवरी तक फिर रिमांड बढ़ाई गई।
-
पिछली सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई क्योंकि जेल में पर्याप्त सुरक्षा नहीं थी।
क्या होगा आगे?
अब जब लखमा की रिमांड समाप्त हो गई है, ED की विशेष अदालत में उनकी पेशी से आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। इस मामले में जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।