छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की शुरुआत…अब खुद भरें अपनी जानकारी, बचाएं समय

रायपुर : छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 को लेकर अहम अपडेट सामने आई है। राज्य में आधिकारिक गणना 1 मई से शुरू होगी, लेकिन उससे पहले नागरिकों को सुविधा देते हुए 16 अप्रैल से स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब लोग अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन भर सकते हैं, जिससे बाद में घर आने वाले प्रगणकों को बार-बार जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

दो चरणों में पूरा होगा जनगणना अभियान
राज्य में जनगणना का कार्य सुनियोजित तरीके से दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नागरिक खुद ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज करेंगे। इसके बाद दूसरे चरण में 1 मई से 30 मई के बीच प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की गणना करेंगे और निर्धारित 33 सवालों के आधार पर जानकारी एकत्र करेंगे।

ऑनलाइन प्रक्रिया आसान: कुछ स्टेप्स में पूरी करें जनगणना
सेल्फ एन्यूमरेशन के लिए नागरिकों को निर्धारित पोर्टल पर लॉग इन करना होगा और अपनी बेसिक जानकारी भरनी होगी। प्रक्रिया के दौरान राज्य का चयन, मोबाइल नंबर और जरूरी विवरण दर्ज करने के बाद ओटीपी के जरिए सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद अपने क्षेत्र और पिन कोड की जानकारी डालकर गूगल मैप पर अपने घर की सटीक लोकेशन तय करनी होगी।

इसके बाद 33 महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सावधानीपूर्वक भरने होंगे। सभी जानकारी दर्ज करने के बाद उसे अच्छे से जांचना जरूरी है, क्योंकि एक बार सबमिट करने के बाद उसमें बदलाव का विकल्प नहीं मिलेगा। अंत में एक 11 अंकों का एसई आईडी जारी होगा, जो भविष्य में सत्यापन के काम आएगा।

प्रगणक आएंगे घर, केवल मिलान करेंगे जानकारी
जो लोग पहले से अपनी जानकारी ऑनलाइन भर देंगे, उनके घर जब प्रगणक पहुंचेंगे तो वे केवल दी गई जानकारी का मिलान करेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि डेटा की सटीकता भी बनी रहेगी।

62 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी, बड़े स्तर पर तैयारी
जनगणना को सफल बनाने के लिए राज्यभर में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक अमला तैनात किया गया है। करीब 62 हजार 500 अधिकारियों और कर्मचारियों को इस कार्य में लगाया गया है। इसमें जनगणना अधिकारी, जिला स्तर के अधिकारी, चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स, प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं।

यह अभियान पूरे राज्य के 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों, 252 तहसीलों और लगभग 20 हजार गांवों में संचालित किया जाएगा।

जनगणना में भागीदारी से बनेगी विकास की सही तस्वीर
सरकार का मानना है कि सटीक जनगणना आंकड़े ही भविष्य की योजनाओं की नींव तय करते हैं। ऐसे में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है, ताकि विकास की योजनाएं सही दिशा में आगे बढ़ सकें।

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