रायपुर : बड़ी राजनीतिक हलचल के बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दिल्ली दौरे पर रवाना होंगे। इससे पहले उन्होंने प्रदेश में आयोजित कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी कर संगठन और समाज दोनों से जुड़ाव का संदेश दिया।
‘बोरे बासी दिवस’ में श्रमिकों को मिला सम्मान, संस्कृति को मिला मंच
शुक्रवार को कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘बोरे बासी दिवस’ कार्यक्रम में भूपेश बघेल कई स्थानों पर शामिल हुए। बेमेतरा में आयोजित कार्यक्रम में श्रमिकों का सम्मान किया गया, जिससे मेहनतकश वर्ग के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया।
मेधावी छात्रा का भी सम्मान, शिक्षा को दिया गया महत्व
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल करने वाली छात्रा ओमनी वर्मा को भी सम्मानित किया गया। इस पहल से शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की सोच स्पष्ट नजर आई।
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी से कार्यक्रम बना खास
इस मौके पर पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे, पूर्व संसदीय सचिव गुरु दयाल सिंह बंजारे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम को व्यापक समर्थन मिला।
‘बोरे बासी’ पर भूपेश बघेल का संदेश: परंपरा और सेहत का अनोखा मेल
भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि ‘बोरे बासी’ छत्तीसगढ़ के किसानों और मजदूरों का पारंपरिक भोजन है, जिसे उनकी सरकार ने नई पहचान दिलाई। उन्होंने इसे गर्मी के मौसम में बेहद फायदेमंद और शरीर के लिए अमृत समान बताया।
संस्कृति को आगे बढ़ाने की अपील, परंपरा से जुड़ने का संदेश
अपने संबोधन में उन्होंने लोगों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने की अपील की। उनका कहना था कि यह सिर्फ खानपान नहीं, बल्कि हमारी पहचान और विरासत का हिस्सा है, जिसे सहेजना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।



















