रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बिना अनुमति के थाना घेराव करने के मामले में पुलिस ने भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने उग्र नारेबाजी की और यातायात बाधित करने की कोशिश की।
क्या है पूरा मामला?
भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर जबरन मारपीट करने का आरोप लगाते हुए मोवा थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान बिना अनुमति प्रदर्शन करने, भड़काऊ भाषण देने और आवागमन बाधित करने के आरोप में कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया गया है।
किन कार्यकर्ताओं पर हुआ मामला दर्ज?
पुलिस ने भीम आर्मी के कार्यकर्ता देवेंद्र मिरी, कुलेश्वर प्रसाद और ओम प्रकाश बंजारे के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता था, इसलिए यह कार्रवाई की गई।
प्रदर्शन की वजह क्या थी?
पूरे विवाद की शुरुआत होली से एक दिन पहले हुई थी। आरोप है कि एक पुलिस आरक्षक ने जबरन मारपीट की, जिससे स्थानीय लोग और भीम आर्मी कार्यकर्ता नाराज हो गए। इसके बाद भीम आर्मी ने मोवा थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पुलिस आरक्षक को निलंबित कर दिया। लेकिन, साथ ही प्रदर्शन करने वाले भीम आर्मी कार्यकर्ताओं पर भी सख्त रुख अपनाते हुए मामला दर्ज कर लिया गया।
पुलिस और भीम आर्मी आमने-सामने
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है और बिना अनुमति किसी भी संगठन को प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। वहीं, भीम आर्मी ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है।