देश दुनियाँ : पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से जूझ रही आम जनता को अब एक और बड़ा झटका लगा है। कई शहरों में सीएनजी के दाम फिर बढ़ा दिए गए हैं। नई दरों के अनुसार सीएनजी की कीमत में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। लगातार दो दिनों में दूसरी बार कीमत बढ़ने से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है।
दिल्ली से नोएडा तक बढ़े सीएनजी के दाम
नई कीमतों के बाद दिल्ली में सीएनजी की दर 80.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। वहीं नोएडा और गाजियाबाद में अब लोगों को 88.70 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से सीएनजी खरीदनी होगी। इससे पहले 15 मई को भी सीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी।
ऑटो, टैक्सी और रोजाना सफर करने वालों पर बढ़ेगा बोझ
लगातार बढ़ रही सीएनजी की कीमतों का असर सबसे ज्यादा रोजाना सफर करने वाले लोगों पर पड़ने वाला है। ऑटो चालकों, टैक्सी संचालकों और निजी वाहन उपयोगकर्ताओं का खर्च बढ़ जाएगा। इसका असर घरेलू बजट पर भी साफ दिखाई देगा, क्योंकि परिवहन खर्च बढ़ने से दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
सरकार ने पेट्रोल-डीजल भी किए महंगे
हाल ही में सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने के कारण यह फैसला लेना पड़ा। सरकार के अनुसार युद्ध जैसे हालातों की वजह से कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 से 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
सरकार ने दूसरे देशों का भी दिया उदाहरण
सरकार का दावा है कि अमेरिका में ईंधन की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत, यूरोप में 20 प्रतिशत, पाकिस्तान में 60 प्रतिशत और बांग्लादेश में 16 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि भारत में यह वृद्धि करीब 3 प्रतिशत ही रही है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
विपक्ष ने बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को पेट्रोल और डीजल पर वैट तथा अन्य करों में कटौती करनी चाहिए ताकि बढ़ी हुई कीमतों का बोझ आम जनता और किसानों पर न पड़े। खासकर बुवाई के मौसम में बढ़ती महंगाई किसानों की लागत को और बढ़ा सकती है।



















