CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर लगातार दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई इलाकों में रात से ही तेज बारिश का दौर जारी है। सरगुजा और रायपुर संभाग में मूसलाधार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश में 2 नवंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसका असर स्कूली बच्चों से लेकर किसानों तक पर पड़ रहा है।
पांच जिलों में आज स्कूलों की छुट्टी
लगातार खराब होते मौसम को देखते हुए प्रदेश के पांच जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। दुर्ग, सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर और रायगढ़ में आज सभी शासकीय और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।प्रशासन ने यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया है। बारिश और तेज हवाओं के कारण आवागमन में परेशानी होने की आशंका है। ऐसे में अभिभावकों और विद्यार्थियों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।मौसम की इस स्थिति को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
धान की फसल पर बारिश की मार, किसानों की बढ़ी परेशानी
लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बलरामपुर, मुंगेली और धमतरी सहित कई इलाकों में खेतों में कटाई के बाद रखी धान की फसल पानी में भीग गई है। लगातार नमी बने रहने से धान के दानों की गुणवत्ता खराब होने और उनमें फफूंद लगने का खतरा बढ़ गया है।वहीं खेतों में पानी भरने के कारण पककर तैयार धान की खड़ी फसल भी जमीन पर गिरने लगी है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
मौसम विभाग की किसानों को खास सलाह
बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को फिलहाल पकी हुई फसलों की कटाई रोकने की सलाह दी गई है। जिन किसानों ने धान काट लिया है, उन्हें फसल को खुले खेतों में छोड़ने के बजाय सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने के लिए कहा गया है।आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज कैसा रहता है, इस पर किसानों की नजर बनी हुई है। अगर बारिश का सिलसिला लंबा खिंचता है तो फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित हो सकते हैं।



















