CG BJP Kanya Pujan: छत्तीसगढ़ भाजपा कार्यालय में होगा कन्या पूजन, 9 बालिकाओं को कराया जाएगा नवकन्या भोज

 CG BJP Kanya Pujan: छत्तीसगढ़ में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर कन्या पूजन का आयोजन विशेष रूप से किया जा रहा है। इसी कड़ी में भाजपा महिला मोर्चा की ओर से रायपुर स्थित प्रदेश कार्यालय में नवकन्या पूजन और भोज का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आमतौर पर घरों में होने वाली इस धार्मिक परंपरा को इस बार बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी है। कार्यक्रम में नौ कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उन्हें भोजन कराया जाएगा। आयोजन में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगी।

कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में होगा कन्या पूजन का आयोजन

रायपुर के बोरियाकला स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में दोपहर 12 बजे से कन्या पूजन एवं नवकन्या भोज का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। भाजपा महिला मोर्चा की ओर से होने वाले इस आयोजन में नौ बालिकाओं को देवी स्वरूप मानकर उनकी पूजा-अर्चना की जाएगी।

धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कन्याओं को लाल चुनरी ओढ़ाई जाएगी। उनके माथे पर तिलक लगाकर पुष्प और फल अर्पित किए जाएंगे। इसके बाद कन्याओं को भोजन कराया जाएगा और महाप्रसादी का वितरण होगा।

महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता होंगी शामिल

इस धार्मिक कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष के साथ संगठन की कई महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन के जरिए नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन की परंपरा को सामूहिक रूप से निभाया जाएगा।हिंदू धर्म में छोटी कन्याओं को मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनकी पूजा करने की परंपरा है। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर विशेष रूप से कन्या पूजन किया जाता है। इस दौरान बालिकाओं को सम्मानपूर्वक भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है।

कन्या पूजन में हलवा, पूड़ी और चने का प्रसाद

नवरात्रि के दौरान कन्या भोज में हलवा, पूड़ी और काले चने का प्रसाद बनाने की परंपरा प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कन्याओं को भोजन कराने से पहले तैयार पकवानों का भोग मां दुर्गा को अर्पित किया जाता है। इसके बाद कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया जाता है।महाष्टमी और महानवमी के अवसर पर होने वाला कन्या पूजन नवरात्रि के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल है। इस परंपरा में बालिकाओं को देवी का स्वरूप मानकर सम्मान देने और सेवा भाव प्रकट करने का विशेष महत्व माना जाता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *