छत्तीसगढ़ : उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार युक्तियुक्तकरण यानी कॉलेजों के पुनर्समायोजन की तैयारी कर रही है। प्रदेश के कई शासकीय कॉलेजों में विद्यार्थियों की कम संख्या को देखते हुए यह कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है। सामने आई जानकारी के अनुसार, पिछले प्रवेश सत्र में करीब 7 सरकारी कॉलेज ऐसे रहे, जहां एक भी विद्यार्थी ने दाखिला नहीं लिया। वहीं, कई संस्थानों में कुल प्रवेश पाने वाले छात्रों की संख्या 100 तक भी नहीं पहुंच सकी। इसके अलावा, प्रदेश के 38 कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को मिलाकर विद्यार्थियों की संख्या 200 से कम दर्ज की गई है।
कॉलेजों से जुटाई जा रही प्रवेश, सीट और बजट की जानकारी
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि फिलहाल प्रदेश के कॉलेजों से जुड़ी विभिन्न जानकारियां एकत्र की जा रही हैं। इनमें संस्थानों में उपलब्ध सीटों की संख्या, विद्यार्थियों के प्रवेश की स्थिति और बजट से संबंधित विवरण शामिल हैं। इन आंकड़ों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
उच्च शिक्षा संचालनालय ने क्षेत्रीय अधिकारियों से मांगा ब्योरा
कॉलेजों की मौजूदा स्थिति का आकलन करने के लिए उच्च शिक्षा संचालनालय ने क्षेत्रीय कार्यालयों में पदस्थ अपर संचालकों को पत्र भेजा है। उनसे संबंधित कॉलेजों के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
कम छात्र संख्या वाले संस्थानों के आंकड़े सामने आने के बाद युक्तियुक्तकरण की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, किन कॉलेजों में बदलाव किया जाएगा और इस प्रक्रिया के तहत क्या कदम उठाए जाएंगे, इसे लेकर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।



















