मध्य प्रदेश : बड़वानी जिले में करम सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जांच में सामने आया कि मृतक का सिर पत्थर से कुचलने के साथ उसकी आंखें निकाल दी गई थीं और गुप्तांग भी काट दिया गया था। वारदात के बाद शव को पुलिया के नीचे बने पाइप में छिपा दिया गया था।
2 जनवरी को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की शिकायत
मामला 2 जनवरी 2026 का है। सेनानाई गांव निवासी करम सिंह मजदूरी के सिलसिले में दनोद गांव गया था, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी घर नहीं लौटा। उसका मोबाइल फोन भी बंद मिल रहा था। इसके बाद सुभाष नामक व्यक्ति ने पलसूद थाने में शिकायत दर्ज कराई।
तलाश के दौरान पता चला कि करम सिंह का शव छिंदघाटी में एक पुलिया के नीचे पाइप में छिपाया गया है। इसके बाद पुलिस ने हत्या के मामले की जांच शुरू की।
कॉल डिटेल से खुला हत्या का राज
पुलिस ने मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली तो उका उर्फ सीताराम और भाया उर्फ भयराम के साथ उसकी लगातार बातचीत होने की जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि करम सिंह ने आरोपियों से 15 हजार रुपये उधार लिए थे।
पुलिस जांच के मुताबिक, कर्ज की रकम वापस मांगने आरोपियों में से एक की पत्नी करम सिंह के पास पहुंची थी। इसी दौरान महिला ने उसके द्वारा छेड़छाड़ किए जाने की बात अपने पति को बताई। इसके बाद आरोपियों ने करम सिंह की हत्या की साजिश रची।
नहर किनारे ले जाकर दिया वारदात को अंजाम
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी करम सिंह को नहर के किनारे ले गए और उसे बंधक बना लिया। इसके बाद चाकू से उसकी आंखें निकाल दी गईं और गुप्तांग काट दिया गया। आरोपियों ने पत्थर से उसका सिर कुचलकर हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को छिंदघाटी की पुलिया के नीचे पाइप में छिपा दिया गया।
विशेष अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा
इस मामले में एट्रोसिटी एक्ट के तहत विशेष न्यायाधीश एलडी सोलंकी की अदालत ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को फैसला सुनाया। अदालत ने उका उर्फ सीताराम और भाया उर्फ भयराम को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।



















