मवेशियों की मौत से मचा हड़कंप, बघेरा के कांजी हाउस पर उठे सवाल…चारा-पानी की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने की शिकायत

 राजनांदगांव :  बघेरा गांव में लावारिस मवेशियों की देखरेख को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांजी हाउस में रखे गए पशुओं की मौत के बाद ग्रामीणों ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए सोमनी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उपलब्ध रिपोर्टों में दो दिनों के भीतर 11 मवेशियों की मौत का दावा किया गया है, जबकि ग्रामीणों की ओर से इससे अधिक संख्या बताए जाने की बात भी सामने आई है। वास्तविक संख्या और मौत की वजह जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।

ग्रामीणों का आरोप, हर घर से लिए गए 200 रुपए

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लावारिस मवेशियों को रखने और उनकी देखभाल के लिए घर-घर से 200 रुपए लिए जाते थे। आरोप है कि तार से घेरकर पशुओं को रखने की व्यवस्था तो की गई, लेकिन पर्याप्त चारा और पानी उपलब्ध नहीं कराया गया। इसी लापरवाही को ग्रामीणों ने मवेशियों की मौत से जोड़ते हुए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है।

कांजी हाउस में मिले शव, दुर्गंध फैलने पर सामने आया मामला

रिपोर्ट के मुताबिक, कांजी हाउस के भीतर मवेशियों के शव मिलने और तेज दुर्गंध फैलने के बाद ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को पांच और रविवार को छह मवेशियों की मौत होने का दावा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी यहां पशुओं की मौत की घटनाएं सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

50 से ज्यादा मवेशियों की हालत खराब होने का दावा

ग्रामीणों के अनुसार, कांजी हाउस में अभी भी बड़ी संख्या में मवेशी मौजूद हैं और इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ने के बाद पशु चिकित्सा विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। प्रशासनिक और पशु चिकित्सा जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मवेशियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

पुलिस ने शिकायत के बाद शुरू कराई जांच

सोमनी थाना प्रभारी एमन साहू के मुताबिक, ग्रामीणों की शिकायत पुलिस को मिली है। इसके बाद पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सरपंच पक्ष ने बीमारी और बारिश को बताया वजह

वहीं, सरपंच पक्ष की ओर से मवेशियों के कमजोर होने और तेज बारिश के कारण बीमार पड़ने की बात कही गई है। सरपंच पति हरिश देशमुख ने भी पशुओं की मौत की जानकारी मिलने और पशु विभाग को सूचना दिए जाने की बात कही है। उनके अनुसार, मवेशियों की देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम विकास समिति से जुड़ी व्यवस्था के पास थी।

अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का कारण

मामले में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मानी जा रही है। ग्रामीण जहां चारा-पानी की कमी और देखरेख में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं सरपंच पक्ष बीमारी और बारिश को वजह बता रहा है। ऐसे में जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मवेशियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसके लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी।

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