सोना फिर हुआ महंगा, खरीदारी से पहले जान लें भाव बढ़ने की 3 बड़ी वजहें और आगे क्या रह सकता है रुख

 19 सितंबर को सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले मजबूत संकेतों के साथ घरेलू स्तर पर बढ़ती मांग ने भी सोने के भाव को सहारा दिया। सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की तरफ निवेशकों का रुझान बढ़ने से भी कीमतों को मजबूती मिली है।भारत में सोने की खरीदारी सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है। त्योहारों, शादी-विवाह और दूसरे पारंपरिक अवसरों पर भी इसकी मांग बनी रहती है। ऐसे में सोने के भाव में होने वाला मामूली बदलाव भी खरीदारों और निवेशकों के लिए अहम हो जाता है।

18 सितंबर को भी सोने में आई थी तेजी

इससे एक दिन पहले यानी 18 सितंबर को भी सोने की कीमतों में बढ़त देखी गई थी। बाजार में जारी तेजी के पीछे वैश्विक परिस्थितियों के साथ-साथ घरेलू मांग को भी अहम वजह माना जा रहा है।हालांकि सोने की कीमतें लगातार एक दिशा में नहीं चलतीं। अमेरिकी डॉलर, ब्याज दर, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और मांग-आपूर्ति जैसे कई फैक्टर इसके भाव को प्रभावित करते हैं।

पहली वजह: अमेरिकी ब्याज दरों पर नजर

सोने की कीमतों के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ने पर निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ सकता है।ऐसे माहौल में कम ब्याज वाले निवेश विकल्पों का आकर्षण घट सकता है और सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है। यही कारण है कि बाजार में फेड के अगले फैसलों को लेकर होने वाले बदलावों पर निवेशकों की खास नजर रहती है।

दूसरी वजह: डॉलर की चाल से सोने को मिला सहारा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में होता है। डॉलर में कमजोरी आने पर अन्य मुद्राओं में खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो सकता है।इससे वैश्विक मांग में बढ़ोतरी की संभावना बनती है और सोने की कीमतों को मजबूती मिल सकती है। इसलिए सोने के निवेशक अंतरराष्ट्रीय भाव के साथ डॉलर इंडेक्स की दिशा पर भी नजर रखते हैं।

तीसरी वजह: अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश की मांग

वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक परिस्थितियों में अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक अक्सर अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों की तरफ रुख करते हैं। सोना लंबे समय से ऐसे विकल्पों में शामिल रहा है।बाजार में जोखिम बढ़ने की स्थिति में पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाने से इसकी मांग को सहारा मिल सकता है। मौजूदा तेजी में यह फैक्टर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

भारत में त्योहार और शादियां बढ़ा सकती हैं मांग

भारतीय बाजार में सोने की मांग का अपना अलग महत्व है। यहां लोग निवेश के अलावा त्योहारों और शादी-विवाह के लिए भी बड़ी मात्रा में सोना खरीदते हैं।त्योहारी सीजन और शादियों का दौर शुरू होने पर आभूषणों की खरीदारी बढ़ सकती है। घरेलू मांग में मजबूती मिलने पर इसका असर स्थानीय बाजार में सोने की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।

क्या आने वाले दिनों में और चढ़ेगा सोने का भाव?

आगे सोने की कीमत किस दिशा में जाएगी, यह कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीति, डॉलर की स्थिति, महंगाई के आंकड़े और वैश्विक तनाव जैसे कारक आने वाले दिनों में सोने के भाव को प्रभावित कर सकते हैं।हालांकि तेजी के बीच कीमतों में उतार-चढ़ाव भी संभव है। इसलिए केवल हालिया बढ़त को देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं माना जाता।

सोना खरीदने जा रहे हैं तो इन बातों को जरूर जांचें

अगर आप सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ बाजार भाव पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। सोने की शुद्धता, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और दुकानदार द्वारा लगाए जाने वाले अन्य शुल्क की जानकारी जरूर लें।निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने वालों के लिए अपने वित्तीय लक्ष्य, निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना भी जरूरी है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *