पेट्रोल-डीजल के दाम आज भी स्थिर, जानें आपके शहर में कितना है रेट और UPI को लेकर क्या है नया अपडेट

 शनिवार, 19 सितंबर को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। सरकारी तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे ईंधन के नए दाम जारी करती हैं। ऐसे में वाहन चालकों के लिए आज भी पेट्रोल-डीजल के रेट में कोई राहत या बढ़ोतरी नहीं हुई है।

विंडफॉल टैक्स में कटौती, लेकिन ग्राहकों को नहीं मिली सीधी राहत

सरकार ने पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में हाल ही में कटौती की है। हालांकि, इस बदलाव का घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर तत्काल कोई सीधा असर नहीं पड़ा है। आम लोगों को फिलहाल ईंधन पहले की कीमतों पर ही मिल रहा है।

पेट्रोल और डीजल पर कितनी कम हुआ निर्यात शुल्क

सरकार की ओर से पेट्रोल के निर्यात शुल्क में 1 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। इसे 1.50 रुपये से घटाकर 50 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है।

डीजल पर निर्यात शुल्क 25 रुपये से घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर किया गया है। इसके अलावा 1 रुपये प्रति लीटर का रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस भी समाप्त कर दिया गया है।

एटीएफ के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में भी 4 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। इसे 19 रुपये से घटाकर 15 रुपये प्रति लीटर किया गया है।

दिल्ली से मुंबई तक जानें आज पेट्रोल-डीजल के रेट

शहरपेट्रोलडीजल
दिल्ली102.12 रुपये95.20 रुपये
मुंबई111.31 रुपये97.97 रुपये
कोलकाता113.51 रुपये99.82 रुपये
चेन्नई107.78 रुपये99.56 रुपये
गाजियाबाद101.76 रुपये95.36 रुपये
पटना113.35 रुपये99.36 रुपये
नागपुर111.90 रुपये98.20 रुपये
देहरादून103.54 रुपये95.93 रुपये
आगरा101.66 रुपये95.02 रुपये

पेट्रोल पंप पर UPI पेमेंट को लेकर क्यों बढ़ सकती है परेशानी

ईंधन की कीमतों के बीच पेट्रोल पंप डीलरों की ओर से UPI ट्रांजैक्शन पर लगने वाले प्रस्तावित नए शुल्क को लेकर चिंता जताई जा रही है। डीलरों का कहना है कि उनका मौजूदा मार्जिन सीमित है और अतिरिक्त ट्रांजैक्शन खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल हो सकता है।

इसी वजह से 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान को लेकर पेट्रोल पंपों पर नए नियमों का असर देखने को मिल सकता है। अगर डीलरों को इस तरह के डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है, तो कुछ जगहों पर बड़े UPI ट्रांजैक्शन स्वीकार करने को लेकर दिक्कत पैदा हो सकती है।

ग्राहकों पर सीधे नहीं डाल सकते ट्रांजैक्शन शुल्क का बोझ

पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ डीलरों का कमीशन भी तय व्यवस्था के तहत निर्धारित होता है। ऐसे में अतिरिक्त डिजिटल भुगतान शुल्क का पूरा भार ग्राहकों से वसूलना उनके लिए आसान नहीं होगा। इससे पेट्रोल पंप संचालकों के खर्च पर असर पड़ सकता है।

यदि बड़े UPI भुगतान को लेकर कोई पाबंदी लागू होती है, तो ग्राहकों को पेट्रोल-डीजल खरीदते समय नकद या कार्ड से भुगतान करने का विकल्प अपनाना पड़ सकता है। इससे पेट्रोल पंपों पर डिजिटल भुगतान की मौजूदा सुविधा प्रभावित होने की संभावना बन सकती है।

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