झीरम घाटी हत्याकांड: 25 फरवरी से रची गई थी हमले की साजिश, जजमेंट में सामने आई नक्सलियों की तैयारी; 10 दोषियों को फांसी

जगदलपुर: झीरम घाटी हत्याकांड मामले में NIA की विशेष अदालत के फैसले के बाद सामने आई जजमेंट कॉपी में हमले की साजिश, नक्सलियों की बैठकों और हमले की तैयारियों से जुड़े कई विवरण दर्ज हैं। 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर हुए हमले में 27 लोगों की मौत हुई थी और 38 लोग घायल हुए थे। 16 सितंबर 2026 को जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने मामले में ट्रायल का सामना कर रहे 10 आरोपियों को मृत्युदंड सुनाया।

25 फरवरी की बैठक में हमले की योजना का उल्लेख

जजमेंट के मुताबिक, 25 फरवरी 2013 को साउथ रीजनल यूनिफाइड कमांड की बैठक में दरभा डिवीजन में बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना पर चर्चा हुई थी। बारसे देवा और सुरेंद्र की ओर से TCOC के दौरान बड़ी कार्रवाई का प्रस्ताव रखे जाने का उल्लेख फैसले में है।

जजमेंट में कहा गया है कि देवजी और गणेश उइके ने नक्सली कमांडर जयलाल को CRC कंपनी-2 की टुकड़ी के साथ दरभा डिवीजन में भेजा था। वहीं देवजी, गणेश उइके, बारसे देवा और सुरेंद्र को एंबुश के लिए स्थान तय करने की जिम्मेदारी दी गई थी। श्याम और सुरेंद्र को आवश्यक सामान जुटाने का काम सौंपे जाने का भी उल्लेख फैसले में है। घटना को अंजाम देने के लिए नक्सली नेताओं गणपति और रमन्ना की मंजूरी का भी जजमेंट में जिक्र किया गया है।

150 से ज्यादा नक्सलियों के शामिल होने का उल्लेख

अभियोजन के मामले के अनुसार, हमले में बड़े नक्सली कमांडरों के साथ करीब 150 से ज्यादा कैडर शामिल थे। जजमेंट में सुरेंद्र, बारसे देवा, जयलाल, विनोद और सोनाधार समेत अन्य लोगों की भूमिका का उल्लेख किया गया है।

घटना के दिन शामिल आरोपियों में प्रमिला, बंजामी सन्ना, आयता मड़काम, मुक्का माड़वी, मड़कामी देवा, चेतू लेकाम, कवासी कोसा, महादेव नाग, जोगा मड़कामी और सुमित्रा सहित अन्य नाम दर्ज हैं। मामले में आरोपी रहे कवासी कोसा की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। ट्रायल का सामना करने वाले 10 आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराया और बाद में मृत्युदंड सुनाया।

चेतू लेकाम के बयान में फायरिंग का जिक्र

जजमेंट में दर्ज अभियोजन साक्ष्यों के अनुसार, आरोपी चेतू लेकाम ने अपने बयान में घटना के दिन काफिले पर गोली चलाने की बात कही थी। उसके मुताबिक, उसने इंसास राइफल से 10 राउंड फायर किए, जबकि प्रमिला ने भी गोली चलाई।

फैसले में यह भी दर्ज है कि कुछ आरोपियों ने हमले से पहले हुई बैठकों में हिस्सा लिया था। घटना से पहले नक्सलियों के लिए राशन और अन्य सामान जुटाने तथा हमले के बाद हथियार लूटने जैसी गतिविधियों में आरोपियों की भूमिका का भी अभियोजन पक्ष ने उल्लेख किया।

22 हथियार लूटने का भी जजमेंट में उल्लेख

25 मई 2013 को दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले को निशाना बनाया गया था। NIA के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार हमले में 27 लोगों की मौत हुई, जिनमें 10 पुलिसकर्मी भी शामिल थे, जबकि 38 लोग घायल हुए। हमले के दौरान 22 हथियार लूटे जाने की बात भी मामले में सामने आई।

मारे गए लोगों में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, महेंद्र कर्मा और पूर्व विधायक उदय मुदलियार शामिल थे। विद्या चरण शुक्ल भी हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे और बाद में उनकी मौत हो गई थी।

NIA ने पेश किए 101 गवाह और 207 दस्तावेज

जजमेंट में जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों का भी उल्लेख है। मामले में NIA की ओर से 101 गवाहों के बयान और 207 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए गए। झीरम मामले की न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय तक चली और अदालत में 294 सुनवाई हुईं।

39 आरोपी बनाए गए, 10 पर चला ट्रायल

मामले में कुल 39 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से 10 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चला और अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड सुनाया। एक आरोपी की ट्रायल के दौरान मौत हो गई, जबकि अन्य आरोपी फरार या वांछित बताए गए हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार चार्जशीट में नामजद 28 अन्य आरोपी वांछित हैं।

26/11 मुंबई हमले का भी अदालत ने दिया संदर्भ

मृत्युदंड सुनाते समय विशेष NIA अदालत ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले का भी संदर्भ दिया। अदालत ने साजिश और उसके बाद हमले को अंजाम दिए जाने के पहलू को देखते हुए दोनों मामलों के बीच समानता का उल्लेख किया।

अदालत ने झीरम मामले में आरोपियों की भूमिका, हमले की साजिश और अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए इसे दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी में माना और 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया।

फैसले के खिलाफ अपील का रास्ता खुला

मृत्युदंड का यह फैसला अंतिम रूप से लागू होने से पहले उच्च न्यायालय की पुष्टि की प्रक्रिया से गुजरेगा। दोषियों की ओर से फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने की बात भी सामने आई है।

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