कोरबा : करतला थाना क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक शराब के नशे में करीब 150 फीट ऊंचे हाईटेंशन टॉवर पर चढ़ गया। युवक करीब छह घंटे तक टॉवर पर ही मौजूद रहा। नीचे खड़े परिजन और ग्रामीण लगातार उसे सुरक्षित नीचे आने के लिए समझाते रहे, लेकिन वह उनकी बात मानने को तैयार नहीं था।घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। काफी देर तक समझाने और सावधानी से बातचीत करने के बाद युवक आखिरकार नीचे उतरने के लिए तैयार हुआ।
शराब पीने के बाद अचानक टॉवर पर चढ़ने लगा
पुलिस के अनुसार युवक की पहचान देव सिंह राठिया के रूप में हुई है। वह शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। बताया गया कि रविवार को उसने शराब का सेवन किया था। दोपहर के समय नशे की हालत में वह गांव के पास स्थित हाईटेंशन बिजली टॉवर की ओर गया और देखते ही देखते उस पर चढ़ना शुरू कर दिया।युवक को टॉवर पर चढ़ता देखकर उसकी पत्नी, बच्चे और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सभी ने उसे नीचे आने के लिए आवाज लगाई और काफी देर तक समझाने का प्रयास किया।
कभी ऊपर तो कभी नीचे, फिर चोटी पर जा बैठा
नशे की हालत में युवक लगातार टॉवर पर ऊपर की ओर बढ़ता रहा। कुछ देर बाद वह थोड़ा नीचे आता और फिर दोबारा ऊपर चढ़ने लगता। नीचे खड़े लोग लगातार उसे सावधानी बरतने और नीचे उतरने के लिए कहते रहे।इसी दौरान वह टॉवर की चोटी तक पहुंच गया और वहां जाकर बैठ गया। करीब छह घंटे तक वह ऊंचाई पर ही मौजूद रहा। इस दौरान नीचे खड़े परिजनों और ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती रही।
हजारों वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के कारण बढ़ा खतरा
मामले की सूचना मिलते ही करतला थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। हाईटेंशन टॉवर पर बिजली की लाइन होने के कारण स्थिति बेहद संवेदनशील थी और किसी भी तरह की जल्दबाजी युवक के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी।पुलिस और प्रशासन की टीम ने इसलिए पूरी सावधानी के साथ युवक से बातचीत शुरू की। उसे लगातार समझाया गया कि सुरक्षित तरीके से नीचे आना ही सबसे बेहतर विकल्प है।
पुलिस और तहसीलदार की समझाइश के बाद माना युवक
पुलिस के मुताबिक युवक को नीचे लाने के लिए काफी देर तक बातचीत और समझाइश का दौर चला। तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों ने मिलकर उसे शांत कराया और नीचे उतरने के लिए राजी किया।आखिरकार युवक टॉवर से नीचे उतर आया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे और करीब छह घंटे तक पूरे घटनाक्रम पर लोगों की नजर बनी रही।



















