SSP Avinash Pandey Transfer: मेरठ में ललिता हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट और थप्पड़ मारने के मामले में विवादों में आए SSP अविनाश पांडेय को हटा दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने आधी रात को हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें मेरठ से स्थानांतरित कर डीजीपी मुख्यालय लखनऊ में पुलिस अधीक्षक पद पर संबद्ध कर दिया।अविनाश पांडेय का तबादला 9 आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची में सबसे चर्चित फैसलों में शामिल रहा।
ललिता हत्याकांड के प्रदर्शन के बाद बढ़ा था विवाद
पिछले महीने जुलाई में मेरठ में ललिता हत्याकांड को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा था। इसी दौरान SSP अविनाश पांडेय पर प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने और कुछ लोगों को थप्पड़ मारने के आरोप लगे थे।घटना के बाद इसका विरोध शुरू हो गया था और पुलिस अधिकारी की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। अब सरकार के तबादला आदेश के बाद अविनाश पांडेय को मेरठ की जिम्मेदारी से हटा दिया गया है।
आधी रात को 9 आईपीएस अधिकारियों का हुआ फेरबदल
योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में बड़े स्तर पर पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। कुल 9 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है।इस फेरबदल में केके बिश्नोई को संभल से स्थानांतरित कर बिजनौर भेजा गया है। वहीं मेरठ के SSP रहे अविनाश पांडेय को डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
विवादों और चर्चाओं में रहे हैं अविनाश पांडेय
2015 बैच के आईपीएस अधिकारी अविनाश पांडेय अपने कार्यकाल के दौरान कई मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। हाल के दिनों में प्रदर्शनकारी को पुलिस वाहन में थप्पड़ मारने का मामला सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा।इससे पहले पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में खालिस्तानी आतंकियों के एनकाउंटर से जुड़े मामले में भी उनका नाम चर्चा में आया था। उन्हें दो बार डीजीपी प्रशंसा चिह्न से सम्मानित किया जा चुका है।
मेरठ से हटाने के फैसले ने बढ़ाई राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा
अविनाश पांडेय के तबादले को हालिया विवाद और उसके बाद बने दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से तबादले के पीछे किसी विशेष कारण का आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।अब उन्हें मेरठ से हटाकर लखनऊ स्थित पुलिस महानिदेशक मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है।



















