Gold Silver Rate: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार कई दिनों से चल रही तेजी पर अचानक विराम लग गया। दिल्ली के सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोने की कीमत जहां 800 रुपये प्रति 10 ग्राम नीचे आई, वहीं चांदी के भाव में एक ही दिन में 5,730 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी कमी हुई।बाजार में आई इस नरमी के पीछे कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता और निवेशकों का सतर्क रुख प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। ऐसे में अगर आप सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो हालिया गिरावट को समझना आपके लिए जरूरी है।
मंगलवार की 2,000 रुपये की तेजी के बाद सोना फिर फिसला
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, दिल्ली के बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना बुधवार को 800 रुपये की गिरावट के साथ 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।इससे पहले सोने ने लगातार दो कारोबारी दिनों में मजबूती दिखाई थी। सोमवार को कीमत में 600 रुपये की बढ़त हुई थी, जबकि मंगलवार को भाव सीधे 2,000 रुपये चढ़ गया था। मंगलवार को सोना 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंचा था। बुधवार की गिरावट ने इस तेजी का कुछ हिस्सा वापस ले लिया।
चांदी में सोने से भी बड़ी गिरावट, 5,730 रुपये तक टूट गया भाव
चांदी के बाजार में बुधवार को बिकवाली का दबाव ज्यादा तेज नजर आया। एक ही कारोबारी सत्र में चांदी 5,730 रुपये प्रति किलोग्राम टूटकर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।इससे एक दिन पहले मंगलवार को चांदी 730 रुपये की बढ़त के साथ 2,40,730 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। बाजार में भारी बिकवाली बढ़ने के कारण बुधवार को चांदी की कीमत में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज हुई।
कच्चे तेल की तेजी से क्यों दबाव में आया सोने का बाजार
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच आगे की बातचीत को लेकर स्पष्टता नहीं होने से वैश्विक बाजारों में भी सावधानी बढ़ी है। इसका असर कीमती धातुओं में निवेश की धारणा पर पड़ा और सोने की घरेलू कीमत कमजोर हुई।
फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले बाजार की नजर ब्याज दरों के संकेतों पर
लेमन मार्केट्स के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के मुताबिक, सर्राफा बाजार में निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के विवरण का इंतजार कर रहे हैं। बाजार यह समझने की कोशिश कर रहा है कि आने वाले समय में अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा क्या रह सकती है।ब्याज दरों से जुड़े संकेतों का असर डॉलर और वैश्विक निवेश प्रवाह के साथ सोने और चांदी की कीमतों पर भी पड़ सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में फेड के संकेत कीमती धातुओं के बाजार के लिए अहम रहेंगे।
घरेलू बाजार में गिरावट के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना चढ़ा
घरेलू बाजार में सोने की कीमत कमजोर हुई, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को तस्वीर कुछ अलग रही। हाजिर सोना करीब 1 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,361.76 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। दूसरी ओर, चांदी 63.33 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर रही।यानी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल में अंतर देखने को मिला। आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी संकेतों पर रहेगी। इन्हीं कारकों से सोने और चांदी की अगली दिशा तय होने की उम्मीद है।



















