बस्तर में सडक और पुल निर्माण को मिलेगी रफ्तार, दिसंबर तक अधूरे प्रोजेक्ट पूरे करने का लक्ष्य; सुस्त ठेकेदारों पर होगी कडी कार्रवाई

रायपुर। बस्तर संभाग में सडक संपर्क को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने निर्माण कार्यों की निगरानी और गति दोनों बढाने की तैयारी तेज कर दी है। संभाग के सभी जिलों में चल रहे सडक, पुल-पुलिया और भवन निर्माण की प्रगति पर अब नियमित नजर रखी जाएगी। इसी सिलसिले में लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में वरिष्ठ अधिकारियों, अभियंताओं और ठेकेदारों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।

बैठक में बस्तर संभाग में भारत सरकार के आरआरपी और आरसीपीएलडब्ल्यूईए के तहत चल रही सडक तथा पुल-पुलिया परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। सचिव ने इन परियोजनाओं को दिसंबर तक पूरा करने के लिए विभागीय अमले को स्पष्ट कार्ययोजना के साथ आगे बढने के निर्देश दिए।

हर 15 दिन में होगी प्रगति की समीक्षा, मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को देखना होगा काम

बंसल ने अधिकारियों से कहा कि केवल कार्यालय स्तर पर रिपोर्ट की समीक्षा पर्याप्त नहीं है। मैदानी अधिकारी नियमित रूप से निर्माण स्थलों पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें। उन्होंने सप्ताह में दो से तीन दिन साइट निरीक्षण करने और निर्माण सामग्री के साथ काम की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रत्येक 15 दिन में निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने को कहा, ताकि निर्धारित समयसीमा से पीछे चल रहे प्रोजेक्ट की पहचान समय रहते हो सके।

10 सितंबर तक काम की रफ्तार नहीं बढी तो ठेकेदारों पर कार्रवाई के संकेत

बैठक में सचिव ने बस्तर परिक्षेत्र के सभी नौ संभागों में काम कर रहे ठेकेदारों से सीधे कार्य प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने 10 सितंबर तक प्रत्येक कार्यस्थल पर स्पष्ट प्रगति दिखाई देने की अपेक्षा जताई।

जिन ठेकेदारों के काम में लगातार लापरवाही या अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने की स्थिति सामने आएगी, उनके खिलाफ कडी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पडने पर ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

निर्माण की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं, मशीनरी नहीं लगाने वालों पर भी कार्रवाई

सचिव ने ठेकेदारों को अनुबंध की शर्तों के अनुसार संबंधित कार्यस्थलों पर पर्याप्त प्लांट और मशीनरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजी प्रगति के आधार पर काम आगे नहीं बढेगा, बल्कि पर्याप्त संसाधनों के साथ वास्तविक निर्माण गति सुनिश्चित करनी होगी।

उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदारों के कार्यों की नियमित जांच करने और सत्यापन के बाद भुगतान समय पर जारी करने को कहा। साथ ही निर्माण से जुडी स्थानीय समस्याओं को ठेकेदारों के साथ समन्वय कर जल्द हल करने के निर्देश दिए।

दूरदराज गांवों तक सडक पहुंचाने वाली नई परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन और उनके सबमिशन की स्थिति की जानकारी ली गई। द्रुतगामी सडक परियोजनाओं के साथ उन गांवों को सडक संपर्क से जोडने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई, जहां अभी आवागमन की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है।

नए स्वीकृत कार्यों में भू-अर्जन और वन व्यपवर्तन से संबंधित लंबित मामलों की जानकारी शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों के समाधान के लिए उच्च स्तर पर आवश्यक कार्रवाई को गति देना है।

निर्माण और कार्यक्रमों से जुडे बिल एक महीने में निपटाने के निर्देश

बंसल ने निर्माण कार्यों, विभागीय आयोजनों और अन्य कार्यक्रमों से संबंधित लंबित बिलों के भुगतान की प्रक्रिया तेज करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित बिलों का परीक्षण और भुगतान एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन, विभागीय जांच और न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा हुई। सचिव ने सभी संभागों में इन मामलों के समयबद्ध निपटारे पर विशेष ध्यान देने को कहा।

बरसात खत्म होते ही सडकों की मरम्मत का बडा अभियान शुरू करने की तैयारी

बारिश के बाद सडकों की स्थिति सुधारने के लिए विभाग ने पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। सचिव ने 30 सितंबर तक पेच रिपेयर के लिए एजेंसियों के निर्धारण से जुडी निविदा प्रक्रिया पूरी करने को कहा, ताकि बारिश समाप्त होते ही मरम्मत कार्य तेजी से शुरू किया जा सके।

उन्होंने यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए सडकों के गड्ढे तत्काल भरने के निर्देश दिए। परफॉरमेंस गारंटी वाली सडकों की मरम्मत भी संबंधित ठेकेदारों से प्राथमिकता के आधार पर कराने को कहा गया।

बारिश और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सडक तथा पुल-पुलियों की स्थायी मरम्मत के काम को भी वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद सर्वोच्च प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं होगी

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और लोक सेवा गारंटी से संबंधित प्रकरणों का समयसीमा के भीतर निराकरण करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों की लगातार निगरानी करते हुए शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, उप सचिव अंशिका पाण्डेय, बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एम.एल. उरांव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एस.के. कोरी, विद्युत एवं यांत्रिकी के मुख्य अभियंता टी.आर. कुंजाम, अधीक्षण अभियंता संजय सूर्यवंशी, डी.के. माहेश्वरी और सुरेश भूपल सहित बस्तर परिक्षेत्र के सभी नौ संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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