मौसम का बदला मिजाज दे सकता है बड़ी परेशानी, अगले कुछ दिनों में इन इलाकों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर

 छत्तीसगढ़ :  मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों को लेकर भी सतर्क रहने के संकेत दिए हैं। खासकर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ इलाकों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।

आज प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में लोगों को मौसम के बदलाव पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पिछले 24 घंटे में भी कई इलाकों में बरसे बादल

बीते 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ के ज्यादातर हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। उत्तर और मध्य क्षेत्र के कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता ज्यादा रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है।

उत्तर छत्तीसगढ़ में इस दौरान भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने के साथ स्थानीय स्तर पर जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है।

24 घंटे में इन इलाकों पर रहेगी मौसम विभाग की खास नजर

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बलरामपुर, बिलासपुर, जशपुर, कोरबा, रायगढ़ और सरगुजा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा बालोद, बलौदाबाजार, धमतरी, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, रायपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सूरजपुर में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

अगले 48 घंटे इन चार जिलों के लिए हो सकते हैं ज्यादा अहम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 48 घंटे में कोरबा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सूरजपुर में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है।

तेज बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी जमा हो सकता है। सड़कों पर जलभराव के साथ फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कुछ स्थानों पर यातायात की रफ्तार भी प्रभावित होने की संभावना है।

ऐसे मौसम में लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचने, गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।

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