रिटायरमेंट से पहले पूरी होगी तैयारी, मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के सख्त निर्देश

 रायपुर। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य शासन के सभी विभागों के भारसाधक सचिवों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, सेवाओं और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी की जाए और लंबित मामलों का समय पर निराकरण किया जाए।

सेवानिवृत्ति मामलों में देरी रोकने के निर्देश, दो साल पहले शुरू होगी प्रक्रिया

बैठक में मुख्य सचिव ने सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के प्रकरणों को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के पेंशन, सेवा संबंधी और अन्य मामलों के समाधान की प्रक्रिया सेवानिवृत्ति के दो वर्ष पहले ही शुरू कर देनी चाहिए।उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की विभागवार सूची लगातार अपडेट रखी जाए, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

योजनाओं की लगातार होगी निगरानी, सचिवों को मिली जिम्मेदारी

मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों से कहा कि अपने-अपने विभागों की योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने योजनाओं के बेहतर संचालन और तय समय में लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया।बैठक में ई-ऑफिस, आधार आधारित उपस्थिति व्यवस्था, लोक सेवा गारंटी, सूचना का अधिकार, सुघ्घर छत्तीसगढ़, नियद नेल्लानार योजना, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी रेगुलेशन, ई-गजट, सेवा सेतु सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली गई।

सभी सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करने पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि शासन की सभी योजनाओं और नागरिक सेवाओं को अधिक से अधिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए। इससे आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा और प्रशासनिक प्रक्रिया भी तेज होगी।उन्होंने विभागीय अधिकारियों को डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने और तकनीक के बेहतर उपयोग के निर्देश दिए।

आई-गॉट प्रशिक्षण कार्यक्रमों की होगी समीक्षा

बैठक में अधिकारियों को आई-गॉट प्लेटफॉर्म के तहत चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारियों को विभाग की जरूरत के अनुसार आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, जिससे कार्यक्षमता और प्रशासनिक गुणवत्ता में सुधार हो सके।

ग्रामीण विकास और ऊर्जा योजनाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं, पीएम सूर्य घर बिजली योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों से योजनाओं के वर्तमान स्तर और आगे की कार्ययोजना की जानकारी ली गई।

कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।इसके अलावा महिला एवं बाल विकास, मुख्यमंत्री कार्यालय, खनिज, लोक निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, परिवहन, राजस्व, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और अन्य विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

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