महासमुंद : पुलिस ने साइबर ठगी के बहुचर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब चार साल से फरार आरोपी आकाश शर्मा को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर ब्लैक राइस यानी काले चावल के अंतरराष्ट्रीय व्यापार का झांसा देकर 28 लाख 47 हजार 600 रुपये की ठगी करने का आरोप है।
2022 में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला वर्ष 2022 में महासमुंद थाना में अपराध क्रमांक 362/2022 के तहत दर्ज किया गया था। प्रकरण में भारतीय न्यायिक प्रक्रिया के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में आरोपी अंकित तोमर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी विवेक तोमर अब भी फरार है। उसकी तलाश जारी है।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी बनकर जीता भरोसा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए महासमुंद की सेन एंड सेन ऑर्गेनिक फर्म से संपर्क किया। खुद को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उन्होंने विदेशी खरीदार उपलब्ध कराने और अंतरराष्ट्रीय कारोबार दिलाने का भरोसा दिलाया।
इसके बाद ईजीसी, एनओसी और ग्लोबल ट्रेड सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज तैयार कराने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये जमा करा लिए।
व्हाट्सएप पर भेजे गए दस्तावेज निकले फर्जी
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे गए ट्रेडिंग और प्रमाणन से जुड़े सभी दस्तावेज फर्जी थे। आरोपियों ने इन्हीं दस्तावेजों के जरिए फर्म का विश्वास जीतकर कुल 28.47 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए।
बैंक खाते से रकम पहुंचाई दूसरे आरोपियों तक
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी आकाश शर्मा ने स्वीकार किया कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने और बाद में उसे अन्य आरोपियों के खातों में भेजने के लिए किया गया था।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी
महासमुंद पुलिस अब मुख्य आरोपी विवेक तोमर की तलाश में जुटी है। साथ ही पूरे साइबर ठगी नेटवर्क, उससे जुड़े बैंक खातों और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।



















