सरगुजा। अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में पांच लाख रुपये की चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी गिरोह नहीं, बल्कि घर में काम करने वाला नौकर और ड्राइवर ही थे। दोनों ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची थी। पुलिस ने एक नाबालिग सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
परिवार के बाहर जाते ही बनाई चोरी की योजना
पुलिस के अनुसार, पीड़ित सुभाष अग्रवाल ने शिकायत में बताया कि 12 जुलाई को वह परिवार और दोस्तों के साथ घर से बाहर गए थे। घर की देखरेख की जिम्मेदारी नौकर ईश्वर यादव और ड्राइवर को सौंपी गई थी। इसी दौरान दोनों ने पहले से बनाई गई योजना के तहत अपने दो साथियों को बुलाया और घर में रखे पांच लाख रुपये लेकर फरार हो गए।
खुद को बंधक बनाकर रची झूठी कहानी
चोरी के बाद आरोपियों ने पुलिस और आसपास के लोगों को गुमराह करने के लिए नया नाटक रचा। मुख्य आरोपी ईश्वर यादव ने अपने हाथ-पैर बंधवाए और शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया। उसने दावा किया कि नकाबपोश बदमाश घर में घुसे, उसके साथ मारपीट की, हाथ-पैर बांध दिए और अलमारी से नकदी लेकर भाग गए।
पूछताछ में खुल गया पूरा राज
पड़ोसियों की सूचना पर सुभाष अग्रवाल तत्काल अंबिकापुर पहुंचे और गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर नौकर और ड्राइवर से पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान दोनों के बयान संदिग्ध लगे। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों टूट गए और चोरी की पूरी साजिश कबूल कर ली।
झाड़ियों से बरामद हुई चोरी की रकम
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी की पूरी रकम पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे झाड़ियों में एक झोले में छिपाकर रखी गई है। पुलिस ने बताए गए स्थान से नकदी बरामद कर ली।
एक नाबालिग समेत चार आरोपी जेल भेजे गए
गांधीनगर थाना पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।



















