रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। 17 जुलाई तक चलने वाले इस पांच दिवसीय सत्र में कुल पांच बैठकें होंगी। सत्र की शुरुआत से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के संकेत हैं। सरकार इस दौरान सदन में आठ विधेयक पेश करेगी, जबकि विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
पद्म विभूषण तीजन बाई को दी जाएगी श्रद्धांजलि
पहले दिन की कार्यवाही दिवंगत पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण सम्मान से अलंकृत तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ शुरू होगी। इसके बाद प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ मंत्री टंकराम वर्मा और केदार कश्यप सदस्यों के सवालों के जवाब देंगे।
ध्यानाकर्षण प्रस्तावों में उठेंगे अहम मुद्दे
सत्र के पहले दिन दो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी चर्चा का केंद्र रहेंगे। विधायक अजय चंद्राकर प्रदेश की पुरातात्विक धरोहरों और ऐतिहासिक वस्तुओं के संरक्षण का विषय उठाएंगे। वहीं विधायक ब्यास कश्यप परिवार नियोजन प्रोत्साहन राशि के वितरण में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगे।
सदन के पटल पर रखे जाएंगे महत्वपूर्ण दस्तावेज
कार्यवाही के दौरान फरवरी-मार्च 2026 के प्रश्नों से संबंधित पूर्ण उत्तर, उस अवधि में सदन में प्रस्तुत सूचनाएं और अन्य आधिकारिक दस्तावेज पटल पर रखे जाएंगे। इसके अलावा राज्यपाल की ओर से लौटाए गए विधेयकों तथा राष्ट्रपति और राज्यपाल की मंजूरी प्राप्त विधेयकों की जानकारी भी सदन के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
1033 सवालों के जवाब देगी सरकार
मानसून सत्र में विधायकों की ओर से कुल 1033 प्रश्न लगाए गए हैं, जिनका जवाब सरकार देगी। इसके अलावा आठ नए विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे, जिन पर चर्चा और पारित कराने की प्रक्रिया चलेगी।
नकटी गांव समेत कई जनसरोकार के मुद्दों पर होगी बहस
सत्र के दौरान नकटी गांव सहित कई क्षेत्रीय और जनहित से जुड़े विषयों के सदन में गूंजने की संभावना है। विपक्ष सरकार को विभिन्न योजनाओं, प्रशासनिक फैसलों और स्थानीय मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, जबकि सत्ता पक्ष अपनी नीतियों और उपलब्धियों का पक्ष मजबूती से रखेगा। ऐसे में पांच दिनों तक विधानसभा में तीखी बहस और राजनीतिक गर्माहट देखने को मिल सकती है।



















