रायपुर पहुंचे कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, धर्मांतरण से लेकर राम मंदिर दान प्रकरण और ‘नो तिलक, नो एंट्री’ पर रखी अपनी बात

रायपुर: राजधानी रायपुर में आयोजित होने वाली सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा से पहले प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर रायपुर पहुंचे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने धर्मांतरण, राम मंदिर दान प्रकरण, धार्मिक आयोजनों में तिलक की अनिवार्यता और वंशवाद जैसे कई मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की।

धर्मांतरण रोकने के लिए सनातन बोर्ड की पैरवी

धर्मांतरण के सवाल पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि देशभर के मंदिरों के लिए यदि एक सनातन बोर्ड का गठन किया जाए तो समाज के जरूरतमंद लोगों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और विवाह जैसी मूलभूत सुविधाएं आसानी से पहुंचाई जा सकती हैं। उनका कहना था कि ऐसी व्यवस्था बनने से धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।

वंशवाद के आरोपों पर दिया जवाब

अपने बेटे को धार्मिक परंपरा आगे बढ़ाने को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि हर अभिभावक चाहता है कि उसके बच्चे अच्छे संस्कारों और सही मार्ग पर चलें। उन्होंने इसे गुरु-शिष्य परंपरा और पारिवारिक जिम्मेदारी का हिस्सा बताते हुए कहा कि इसमें किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

राम मंदिर दान प्रकरण पर क्या कहा

राम मंदिर से जुड़े दान चोरी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कथावाचक ने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। उनके अनुसार जिसने भी गलती की है उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए, वहीं किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय भी नहीं होना चाहिए।

‘नो तिलक, नो एंट्री’ का किया समर्थन

धार्मिक आयोजनों में तिलक लगाकर प्रवेश देने की व्यवस्था पर उन्होंने समर्थन जताया। उनका कहना था कि सनातन परंपरा से जुड़े आयोजनों में तिलक श्रद्धा और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि उनकी कथाओं में भी तिलक लगाने के बाद ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाता है।

8 से 14 जुलाई तक चलेगी श्रीमद्भागवत कथा

राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में 8 जुलाई से 14 जुलाई तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में देवकीनंदन ठाकुर प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से श्रद्धालुओं को कथा का श्रवण कराएंगे।

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