बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम भाड़म में हुए दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की करंट लगने से मौत के मामले पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। अदालत ने बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक (एमडी) समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए क्या सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी।
खेत की घेराबंदी के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
यह हादसा 3 जुलाई की सुबह हुआ। जानकारी के अनुसार, दसन बाई अपने दोनों बेटों सत्यव्रत सिंगरौल (14 वर्ष) और विवेक सिंगरौल (23 वर्ष) के साथ खेत में मवेशियों के प्रवेश को रोकने के लिए जीआई तार और नायलॉन रस्सी से घेराबंदी कर रही थीं। इसी दौरान तीनों अचानक करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
शाम को खेत पहुंचा पति तो सामने था दर्दनाक मंजर
मृतका के पति सीताराम सिंगरौल, जो पेशे से चालक हैं, जब शाम को घर लौटे तो पत्नी और दोनों बेटे घर पर नहीं मिले। तलाश करते हुए जब वे खेत पहुंचे तो वहां तीनों के शव पड़े मिले। इसके बाद उन्होंने तत्काल कोटा थाना पुलिस को सूचना दी।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए शव
देर शाम होने के कारण उसी दिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अगले दिन 4 जुलाई को पुलिस ने मर्ग कायम कर तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिए।
हादसे की वजह की जांच जारी
पुलिस की प्रारंभिक जांच में करंट लगने से मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन बिजली का प्रवाह कैसे हुआ और हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
गांव में मातम, कोर्ट ने मांगी जवाबदेही
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से पूरे भाड़म गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताया है। वहीं हाई कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए बिजली विभाग से सुरक्षा उपायों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपनाए जा रहे इंतजामों की विस्तृत जानकारी मांगी है।



















