छत्तीसगढ़ में शुरू होंगे 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्यभर में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय शुरू किए जाएंगे। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर आवश्यक तैयारियां तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

PM SHRI मानकों के अनुरूप विकसित होंगे स्कूल

जारी निर्देश में कहा गया है कि इन विद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और पीएम श्री विद्यालय के मानकों के अनुरूप विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक जिले में चयनित स्कूलों का विस्तृत गैप एनालिसिस कराया जाएगा, ताकि अधोसंरचना, शैक्षणिक संसाधनों और अन्य आवश्यक सुविधाओं का मूल्यांकन कर कार्ययोजना तैयार की जा सके।

इन सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस

सरकार ने उत्कृष्ट विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कई बुनियादी सुविधाओं को अनिवार्य माना है। इनमें शामिल हैं—

  • भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान और रोबोटिक्स प्रयोगशालाएं
  • आधुनिक पुस्तकालय
  • स्मार्ट क्लास और आईसीटी आधारित शिक्षण व्यवस्था
  • अतिरिक्त कक्ष एवं कॉमन रूम
  • ऑडिटोरियम और बहुउद्देशीय हॉल
  • ओपन एयर थिएटर और सांस्कृतिक मंच
  • इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
  • सीमेंट बेस्ड बैडमिंटन और वॉलीबॉल कोर्ट
  • शौचालय, स्वच्छ पेयजल और हैंडवॉश यूनिट
  • फर्नीचर, विद्युत व्यवस्था, परिसर सौंदर्यीकरण और सुरक्षा व्यवस्था
  • खेल सामग्री एवं गतिविधि आधारित शिक्षण संसाधन

33.33 लाख रुपये से होंगे प्राथमिक कार्य

शासन की ओर से प्रत्येक विद्यालय के लिए 33.33 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इस राशि का उपयोग प्राथमिक और जरूरी अधोसंरचना विकसित करने में किया जाएगा, ताकि विद्यालय पीएम श्री के न्यूनतम मानकों को पूरा कर सकें।

अन्य योजनाओं से भी जुटाई जाएगी राशि

स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जिन कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी, उन्हें जिला खनिज न्यास (DMF), सीएसआर, समग्र शिक्षा, मनरेगा, सांसद एवं विधायक निधि, आदिवासी उपयोजना तथा अन्य केंद्रीय एवं राज्य योजनाओं के माध्यम से पूरा किया जाए।

जिलों को तैयार करनी होगी विस्तृत कार्ययोजना

सभी जिलों को विद्यालयवार कार्ययोजना तैयार कर यह स्पष्ट करना होगा कि—

  • 33.33 लाख रुपये से कौन-कौन से कार्य होंगे।
  • अन्य योजनाओं से कौन से निर्माण कराए जाएंगे।
  • कार्यों की प्राथमिकता और समय-सीमा क्या होगी।
  • निर्माण एजेंसी और लागत का विवरण क्या रहेगा।

समयबद्ध निर्माण के निर्देश

स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालयों का विकास पीएम श्री मानकों और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों को प्रदेश के आदर्श शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित किया जा सके।

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