रायपुर। संभावित कम बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में कृषि, मौसम, सिंचाई, जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी हाल में किसानों को खाद, बीज या अन्य जरूरी संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
हर जिले के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और स्थानीय जरूरतों के अनुसार जिला स्तर पर अलग-अलग कार्ययोजना तैयार रखें। उन्होंने कहा कि किसानों तक हर सुविधा समय पर पहुंचना सरकार की प्राथमिकता है।
केंद्र से मिली अतिरिक्त डीएपी, किसानों को मिलेगी राहत
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से अतिरिक्त डीएपी उर्वरक उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। इसके बाद राज्य को 46 हजार टन से अधिक डीएपी की आपूर्ति मिली है, जो सामान्य आवंटन से ज्यादा है। इससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद मिलने में आसानी होगी।
धान की खेती के लिए सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान की फसल के लिए पर्याप्त सिंचाई जल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खासकर वर्षा पर निर्भर इलाकों में जल स्रोतों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जाए ताकि जरूरत पड़ने पर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए चलाया जाएगा अभियान
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि किसानों को कम और मध्यम अवधि में तैयार होने वाली धान की किस्मों, डायरेक्ट सीडेड राइस, कतार पद्धति से बुवाई, बीज उपचार, नमी संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी व्यापक स्तर पर दी जाए। साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दलहन और तिलहन की खेती बढ़ाने पर भी विशेष जोर देने को कहा।
कालाबाजारी और नकली खाद-बीज बेचने वालों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अमानक बीज, नकली उर्वरक और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि किसी भी कृषि संबंधी समस्या या तकनीकी सलाह के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि महाविद्यालय और विभागीय विशेषज्ञों से संपर्क करें।
खाद और बीज का पर्याप्त भंडार, समय पर होगी आपूर्ति
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य में खाद और बीज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सभी जिलों में समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था कर ली गई है। साथ ही धान की अर्ली वेरायटी के बीज भी बीज निगम के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
जल संरक्षण बनेगा जनआंदोलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि संभावित अल्प वर्षा से निपटने के लिए जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना होगा। उन्होंने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इसके तहत खेत तालाब, वर्षा जल संग्रहण, जल संरचनाओं का निर्माण और भूजल संवर्धन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मौसम एप की जानकारी हर किसान तक पहुंचाने के निर्देश
आकाशीय बिजली और खराब मौसम से किसानों की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने भारत मौसम विज्ञान विभाग के ‘सचेत’, ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ मोबाइल एप का व्यापक प्रचार करने को कहा। साथ ही सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उचित दर पर खरपतवारनाशक उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
वीबी-जी राम जी योजना में अब मिलेगा 125 दिन का रोजगार
बैठक में बताया गया कि 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत वीबी-जी राम जी योजना लागू हो चुकी है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिन की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा। मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन तय की गई है। योजना के तहत जल संरक्षण, जल सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से ऐसे कार्य किए जाएं जिनसे ग्रामीणों को नियमित रोजगार भी मिले और प्रदेश की जल सुरक्षा भी मजबूत हो। उन्होंने कहा कि पानी बचाने की दिशा में उठाया गया हर कदम आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करेगा।
कृषि बुलेटिन गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए जाने वाले कृषि बुलेटिन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, पारंपरिक मीडिया और जनजागरूकता अभियान के माध्यम से यह जानकारी प्रदेश के हर किसान तक पहुंचाई जाए, ताकि वे समय पर वैज्ञानिक सलाह का लाभ उठा सकें।



















