CG High Court: बारिश में बार बार गुल हो रही बिजली पर हाईकोर्ट सख्त, ऊर्जा विभाग और निगम से मांगा जवाब

 बिलासपुर। बारिश के दौरान लगातार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। बिलासपुर शहर में बारिश के बाद घंटों तक बिजली बंद रहने और आम लोगों को हो रही परेशानी से जुड़ी खबरों का स्वतः संज्ञान लेते हुए अदालत ने राज्य के ऊर्जा विभाग और बिजली वितरण कंपनी से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अब तक कौन कौन से ठोस कदम उठाए गए हैं।

हाईकोर्ट ने अधिकारियों से मांगा व्यक्तिगत हलफनामा

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए ऊर्जा विभाग के सचिव, बिलासपुर नगर निगम आयुक्त और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक को व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने अधिकारियों से यह भी बताने को कहा है कि बिलासपुर शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए क्या व्यवस्था की गई है और भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने की क्या योजना तैयार की गई है।

जलभराव रोकने के इंतजाम पर भी मांगी रिपोर्ट

हाईकोर्ट ने केवल बिजली व्यवस्था ही नहीं, बल्कि बारिश के दौरान शहर में होने वाले जलभराव पर भी चिंता जताई है। अदालत ने नगर निगम से ड्रेनेज सिस्टम की मौजूदा स्थिति और सड़कों तथा गलियों में पानी भरने से रोकने के लिए किए गए इंतजामों की विस्तृत जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।

बारिश के बाद घंटों अंधेरे में रहा शहर

हाल ही में तेज हवा और बारिश के बाद बिलासपुर के कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। कलेक्टर बंगले के पास 11 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से सिविल लाइन, जज कॉलोनी समेत आसपास के कई क्षेत्रों में देर रात तक बिजली आपूर्ति बंद रही। लंबे समय तक बिजली नहीं आने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मेंटेनेंस के बावजूद क्यों बिगड़ रही व्यवस्था, कोर्ट ने उठाया सवाल

अदालत ने इस तथ्य पर भी ध्यान दिया कि बिजली विभाग गर्मी के मौसम में कई महीनों तक अलग अलग क्षेत्रों में बिजली बंद कर रखरखाव का कार्य करता है। इसके बावजूद बारिश शुरू होते ही बिजली व्यवस्था बार बार प्रभावित हो रही है। इसी मुद्दे पर हाईकोर्ट ने विभाग से विस्तृत जवाब मांगा है।

अगली सुनवाई में पेश करनी होगी पूरी जानकारी

हाईकोर्ट ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित तिथि पर विस्तृत जवाब और आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। अदालत अब यह जानना चाहती है कि बिजली आपूर्ति और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए जिम्मेदार विभागों ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं और भविष्य की क्या कार्ययोजना है।

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