कभी नक्सलियों की चौपाल, अब विकास की जनचौपाल, किसकोड़ो में बदली बस्तर की तस्वीर

 रायपुर। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड का ग्राम किसकोड़ो कभी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख ठिकाना माना जाता था। जहां वर्षों तक बंदूक और भय का माहौल हावी रहा, वहीं अब लोकतंत्र और विकास की नई शुरुआत दिखाई दे रही है। शुक्रवार 26 जून को गांव में ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने बदलते बस्तर की तस्वीर को नई पहचान दी। जिस स्थान पर कभी नक्सली बैठकें हुआ करती थीं, उसी जगह उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों के साथ जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं और विकास को लेकर भरोसा दिलाया।

ग्रामीणों के बीच बैठकर सुनी हर समस्या

गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उप मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने औपचारिकता से दूर जमीन पर बैठकर लोगों से सीधा संवाद किया और एक-एक ग्रामीण की समस्याओं, सुझावों और मांगों को गंभीरता से सुना। इस जनचौपाल में किसकोड़ो समेत आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

स्वास्थ्य, बिजली और सड़क समेत कई मांगें उठीं

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, बिजली व्यवस्था सुधारने, बंडापाल में सब-स्टेशन बनाने, खाद भंडारण केंद्र खोलने, स्कूल की बाउंड्रीवाल तैयार कराने और मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी जरूरी मांगें सामने रखीं। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल तक मरीजों की आवाजाही आसान बनाने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और विद्युत व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए।उन्होंने कहा कि किसकोड़ो को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।

डर से निकलकर विकास की राह पर बढ़ रहा गांव

ग्रामीणों के उत्साह की सराहना करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि वर्षों तक भय के माहौल में रहने वाले लोगों में अब तेजी से विकास की इच्छा दिखाई दे रही है। यह बदलाव अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण है और पूरे क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है।

नक्सल प्रभाव से बाहर निकल चुका है किसकोड़ो

अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र मानी जाती थी, लेकिन अब इस क्षेत्र को नक्सल प्रभाव से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव की पेयजल समस्या दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया, जिससे लोगों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

ग्रामीण बोले, पहली बार गांव में शासन की चौपाल लगी

जनचौपाल के दौरान कई ग्रामीण भावुक हो गए। उनका कहना था कि पहले गांव में नक्सलियों की बैठकों का माहौल रहता था, लेकिन अब पहली बार सरकार के उप मुख्यमंत्री गांव पहुंचकर लोगों की बातें सुन रहे हैं। उन्होंने बताया कि कभी शाम होते ही लोग घरों से निकलने से डरते थे। बच्चों को नक्सली संगठन में शामिल करने का दबाव बनाया जाता था और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना से बचते थे। अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और गांव के लोग सुरक्षा, विकास तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

जैविक खेती और वनोपज को मिलेगा बढ़ावा

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि किसकोड़ो अब भय नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की पहचान बन रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए बेहतर प्रशिक्षण और प्रमाणन की व्यवस्था करने पर जोर दिया। साथ ही आसपास की पंचायतों के उत्पादों की सामूहिक ब्रांडिंग और लघु वनोपज के प्रसंस्करण की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।इस दौरान कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एडीएम एएस पैकरा, एसडीएम राहुल रजक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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