निजी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, गंभीर अनियमितताओं के बाद जारी हुआ कारण बताओ नोटिस

 छत्तीसगढ़:  स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने एक निजी अस्पताल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जीपीएम जिले के पेंड्रारोड स्थित डी.डी. हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल के संचालन और मरीजों के उपचार से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

गंभीर मरीज के उपचार में बरती गई लापरवाही

जांच के दौरान सामने आया कि मृतक मरीज ज्योति सोनवानी एक्लेम्सिया जैसी गंभीर चिकित्सीय स्थिति से पीड़ित थीं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस तरह के मरीज का इलाज चिकित्सा महाविद्यालय स्तर की स्वास्थ्य संस्था में होना चाहिए था। इसके बावजूद निजी अस्पताल में भर्ती कर उपचार किए जाने को नियमों के अनुरूप नहीं माना गया। विभाग ने इस मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए अस्पताल से स्पष्टीकरण मांगा है।

निरीक्षण में डॉक्टर और विशेषज्ञ स्टाफ की कमी उजागर

स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह भी पाया गया कि 17 और 18 जून 2026 को अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं के लिए आवश्यक चिकित्सक और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध नहीं था। जबकि नियमों के अनुसार ऐसे अस्पतालों में चौबीसों घंटे डॉक्टर की मौजूदगी अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान वार्ड में ऑपरेशन के बाद भर्ती मरीज मिले, लेकिन उनकी देखरेख के लिए ड्यूटी पर चिकित्सक मौजूद नहीं थे।

इसके अलावा अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, शल्य चिकित्सक, निश्चेतना विशेषज्ञ तथा अन्य प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की नियमित उपलब्धता भी सुनिश्चित नहीं पाई गई। भर्ती मरीजों की लगातार निगरानी के लिए आवासीय चिकित्सा अधिकारी की व्यवस्था भी नहीं थी।

आयुष्मान योजना के मरीज से अतिरिक्त राशि लेने की शिकायत

जांच के दौरान आयुष्मान भारत योजना से उपचार कराने वाले एक मरीज से निर्धारित पैकेज के अतिरिक्त करीब डेढ़ लाख रुपये वसूले जाने की शिकायत भी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की अलग से जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के मिलना चाहिए।

तीन दिन में मांगा गया जवाब

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जारी नोटिस में कहा है कि अस्पताल द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के तहत निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। अस्पताल प्रबंधन को तीन दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर लिखित जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *