बिलासपुर : सामने आए एक अहम घटनाक्रम में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य वक्फ बोर्ड को बड़ा झटका देते हुए उसके विवादित आदेश के अमल पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश धार्मिक आयोजनों में डीजे, धूमाल और नाच-गाने पर प्रतिबंध लगाने से जुड़ा था। अदालत के इस फैसले के बाद प्रदेशभर में राहत की स्थिति बन गई है।
धार्मिक आयोजनों में डीजे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर लगाया गया था प्रतिबंध
दरअसल, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने 25 मई 2026 को एक आदेश जारी कर प्रदेश की सभी दरगाहों, उर्स और अन्य मजहबी आयोजनों में डीजे, धूमाल और नाच-गाने के आयोजन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। बोर्ड का कहना था कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
नियम तोड़ने पर 50 हजार रुपये तक जुर्माने का भी था प्रावधान
वक्फ बोर्ड ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया था कि यदि कोई व्यक्ति या आयोजन समिति इन निर्देशों का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। आदेश सामने आने के बाद प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में इसे लेकर बहस और विरोध के स्वर भी उठने लगे थे।
हाईकोर्ट में चुनौती के बाद आदेश के अमल पर लगी रोक
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज द्वारा जारी इस आदेश को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी गई। मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अदालत ने फिलहाल आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगाने का निर्देश दिया है। यानी अंतिम फैसला आने तक इस आदेश को लागू नहीं किया जा सकेगा।
आयोजकों और धार्मिक समितियों को मिली अस्थायी राहत
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद प्रदेशभर में धार्मिक आयोजनों से जुड़ी समितियों और आयोजकों को फिलहाल राहत मिली है। अब इस पूरे मामले में अदालत की आगामी सुनवाई और अंतिम निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अंतिम फैसला आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वक्फ बोर्ड का यह आदेश भविष्य में प्रभावी रहेगा या नहीं।



















