रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में घरेलू हिंसा का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शराब पीने के लिए पैसे नहीं मिलने पर एक पति ने अपनी पत्नी पर बांस के डंडे से जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामले की सूचना मिलते ही घरघोड़ा पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
शराब के लिए पैसों को लेकर हुआ विवाद, फिर किया हमला
पुलिस के अनुसार, 21 जून 2026 को पीड़िता के चचेरे भाई पवन राठिया ने घरघोड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी चचेरी बहन सत्यवती राठिया ग्राम देवगढ़ में आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उनके पति इंद्रजीत राठिया राजमिस्त्री का काम करते हैं।परिजनों के मुताबिक, इंद्रजीत अक्सर शराब के नशे में पत्नी से विवाद और मारपीट करता था। कई बार समझाने के बावजूद उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।
पैसे देने से इनकार किया तो सिर और हाथों पर किए वार
घायल सत्यवती राठिया ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन दोपहर करीब एक बजे उसका पति शराब पीने के लिए पैसे मांगने घर आया था। जब उसने पैसे देने से मना किया तो आरोपी आगबबूला हो गया। पहले गाली-गलौज की, फिर जान से मारने की धमकी देते हुए बांस के डंडे से सिर और दोनों हाथों पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
हमले में गंभीर रूप से घायल महिला को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रायगढ़ रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दबोचा आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू ने तत्काल विशेष टीम गठित की। एएसआई खेमराज पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर जांच शुरू की और आरोपी इंद्रजीत राठिया को हिरासत में ले लिया।पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल किया गया बांस का डंडा भी बरामद कर लिया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा, मारपीट और जानलेवा हमलों जैसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं महिलाओं के साथ हिंसा या प्रताड़ना की घटना सामने आए तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।



















