देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक सभी के लिए अहम मुद्दा बनी हुई हैं। 7 जून 2026 को जारी ताजा दरों में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत जरूर मिली है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव भविष्य में ईंधन दरों पर असर डाल सकता है।
कीमतें स्थिर, लेकिन बाजार पर बना हुआ है दबाव
हाल के सप्ताहों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कई बार बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिससे देश के अनेक शहरों में ईंधन महंगा हो गया। फिलहाल दरें स्थिर हैं, लेकिन ऊर्जा बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि वैश्विक हालात और कच्चे तेल की चाल आने वाले दिनों में नई कीमतों की दिशा तय कर सकती है।
सिर्फ 11 दिनों में चार बार बढ़े ईंधन के दाम
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद तेल विपणन कंपनियों ने कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की। महज 11 दिनों के भीतर चार बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए।
15 मई 2026 को पेट्रोल 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3.29 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया। इसके बाद 19 मई को पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे की बढ़ोतरी हुई। 23 मई को फिर समान बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर तक और महंगा कर दिया गया।
चार प्रमुख महानगरों में पेट्रोल की कीमतें कहां पहुंचीं?
तेल कंपनियों के अनुसार राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 113.51 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है।
मुंबई में उपभोक्ताओं को पेट्रोल के लिए 111.21 रुपये प्रति लीटर चुकाने पड़ रहे हैं।
वहीं चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है।
बढ़ी हुई कीमतों का असर परिवहन खर्च के साथ-साथ रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत पर भी दिखाई देने लगा है।
डीजल भी महंगा, जानिए प्रमुख शहरों के ताजा रेट
डीजल की कीमतों में भी तेजी का रुख बना हुआ है। दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
कोलकाता में इसकी कीमत 99.02 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है।
मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
जबकि चेन्नई में डीजल का भाव 99.55 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
कच्चे तेल की महंगाई ने बढ़ाई तेल कंपनियों की मुश्किलें
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हालिया उछाल का असर सीधे घरेलू ईंधन बाजार पर पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत तक तेजी आई है। इसके चलते तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ा है और पेट्रोल, डीजल, एलपीजी तथा विमान ईंधन की बिक्री में भारी लागत का सामना करना पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में क्या फिर बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चा तेल ऊंचे स्तर पर बना रहता है, तो घरेलू बाजार में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं की नजरें अब अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और सरकार की आगामी नीतियों पर टिकी हुई हैं।



















