नई दिल्ली: देशभर के वाहन चालकों के लिए 2 जून की सुबह कुछ राहत लेकर आई है। सरकारी तेल कंपनियों ने आज पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए, लेकिन कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। लगातार महंगाई के बीच लोग दाम घटने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन फिलहाल पुरानी कीमतें ही बरकरार हैं। हालांकि, स्थिरता के कारण उपभोक्ताओं को तत्काल झटका नहीं लगा है।
महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर
देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 103.50 रुपये और डीजल 90.30 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। कोलकाता में पेट्रोल 105.41 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। इन प्रमुख महानगरों में आज किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी या गिरावट देखने को नहीं मिली।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी पुरानी दरें जारी
उत्तर प्रदेश के नोएडा में पेट्रोल 94.85 रुपये और डीजल 87.98 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। लखनऊ में पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 87.81 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल 105.23 रुपये और डीजल 91.49 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। इन सभी शहरों में भी ईंधन की कीमतें जस की तस बनी हुई हैं।
पेट्रोल और डीजल की कीमतें किन कारणों से तय होती हैं
ईंधन के दाम केवल घरेलू फैसलों पर निर्भर नहीं होते। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और टैक्स संरचना इन पर सीधा असर डालती है। इसके अलावा परिवहन लागत और राज्य स्तर के कर भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। यही कारण है कि वैश्विक बाजार में गिरावट के बावजूद कई बार घरेलू बाजार में तुरंत राहत नहीं मिलती।
घर बैठे ऐसे चेक करें ताजा रेट
उपभोक्ता अपने शहर के पेट्रोल और डीजल के दाम आसानी से जान सकते हैं। इसके लिए तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप और एसएमएस सेवा का उपयोग किया जा सकता है। हर सुबह अपडेट होने वाले इन रेट्स से लोगों को अपने क्षेत्र की सटीक जानकारी मिल जाती है।
महंगे ईंधन का आम बजट पर असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। परिवहन लागत बढ़ने से सब्जियों, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव पड़ता है। पिछले समय में हुई बढ़ोतरी ने कई परिवारों के मासिक बजट को प्रभावित किया है। ऐसे में आम लोगों की नजर आने वाले दिनों में संभावित राहत पर टिकी हुई है।



















