महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा को बड़ा झटका, जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में कोर्ट ने ठहराया दोषी

 नई दिल्ली :  महिला कांग्रेस अध्यक्ष Alka Lamba को बड़ा कानूनी झटका लगा है। जंतर-मंतर पर महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है। अब इस मामले में सजा को लेकर 5 जून को सुनवाई होगी।कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की और रास्ता बाधित करने के लगे थे आरोप
यह मामला जुलाई 2024 का है, जब अलका लांबा के नेतृत्व में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई थी।इस दौरान पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, कानूनी आदेश की अवहेलना करने और सार्वजनिक रास्ता बाधित करने जैसे आरोप लगाए थे। मामले में कई धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी।

कोर्ट ने माना प्रथम दृष्टया मामला, तय हुए थे आपराधिक आरोप
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि अलका लांबा के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार मौजूद हैं। इसके बाद उनके खिलाफ आपराधिक आरोप तय किए गए थे।मामले की सुनवाई भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 221, 223(ए) और 285 के तहत चल रही थी। अब कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए अगली सुनवाई सजा के निर्धारण के लिए तय की है।

फैसले के बाद अलका लांबा का बयान, बोलीं- महिलाओं की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटूंगी
दोषी ठहराए जाने के बाद अलका लांबा ने कहा कि उन्हें इस फैसले की पहले से आशंका थी। उनके अनुसार महिला कांग्रेस संवैधानिक अधिकारों के तहत महिला आरक्षण और महिला सुरक्षा की मांग उठा रही थी।उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने दबाव में आकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। अलका लांबा ने कहा कि उन्होंने महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है और वह डरने वाली नहीं हैं।

5 जून पर टिकी नजरें, सजा को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
अब इस मामले में सभी की नजरें 5 जून की सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जब कोर्ट सजा को लेकर अपना फैसला सुनाएगा। इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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