गर्मी में पानी की किल्लत पर सख्त एक्शन: सरकार ने निकायों को दिया अलर्ट, एक हफ्ते में सुधार जरूरी

 रायपुर:  बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल संकट को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी शहरी निकायों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। नगर निगमों के आयुक्तों और नगर पालिका तथा नगर पंचायतों के मुख्य अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि जल आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी जल स्रोतों जैसे हैंडपंप, बोरवेल और अन्य प्रणालियों की एक सप्ताह के भीतर जांच कर आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित करनी होगी।

लीकेज और खराब पाइपलाइन पर तुरंत कार्रवाई, गंदे पानी से बचाव जरूरी

विभाग ने पाइपलाइन में हो रहे लीकेज और टूट फूट को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नालियों से गुजरने वाली पाइपलाइन और घरों के कनेक्शन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने को कहा गया है, ताकि दूषित पानी की समस्या न हो।

डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद बढ़ी सख्ती, गर्मी में पानी की सप्लाई रहे लगातार

उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव द्वारा हाल ही में समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि गर्मी के दौरान किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके बाद विभाग ने ऐसे इलाकों को चिन्हित करने को कहा है जहां हर साल जल स्तर गिरता है, और वहां वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

हर निकाय में तय हुआ जिम्मेदार अधिकारी, रोज होगी शिकायतों की समीक्षा

पेयजल संकट के समाधान के लिए नगर निगमों में आयुक्त और अन्य निकायों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इन्हें रोजाना शिकायतों की समीक्षा कर समय सीमा में समाधान सुनिश्चित करना होगा। सभी शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज कर उनकी मॉनिटरिंग भी अनिवार्य की गई है।

पानी की गुणवत्ता पर फोकस, क्लोरीन टेस्ट से लेकर टैंकों की सफाई तक निर्देश

स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हैंडपंप और जल स्रोतों में ब्लीचिंग पाउडर और सोडियम हाइपोक्लोराइट का उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है। क्लोरीन स्तर की नियमित जांच, ओवरहेड टैंक की सफाई और जल शोधन संयंत्रों की देखरेख पर भी विशेष जोर दिया गया है।

बस स्टैंड और बाजारों में खुलेंगे प्याऊ, सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग

भीषण गर्मी को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्याऊ घर खोलने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने और सामाजिक संस्थाओं तथा एनजीओ से सहयोग लेने को भी कहा गया है।

15 दिन में पूरी हों अधूरी योजनाएं, हर घर तक पहुंचे पानी का लाभ

विभाग ने 15वें वित्त आयोग और अन्य योजनाओं के तहत स्वीकृत जल परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जो योजनाएं अंतिम चरण में हैं, उन्हें 15 दिनों के भीतर पूरा कर पेयजल आपूर्ति शुरू करने को कहा गया है।

पशुधन के लिए भी पानी की व्यवस्था, तालाबों में भराव के निर्देश

केवल नागरिकों ही नहीं बल्कि पशुधन के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इसके लिए जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के साथ समन्वय कर तालाबों में जल भराव की व्यवस्था करने को कहा गया है।

भूजल बढ़ाने पर फोकस, हर बोरवेल के पास बनेगा रिचार्ज सिस्टम

जल स्तर को बनाए रखने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रिचार्ज पिट को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच कर रिपोर्ट भेजना भी जरूरी किया गया है।

जन जागरूकता से बदलेगी तस्वीर, हर वार्ड में चलेगा अभियान

जल संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए डोर टू डोर कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से प्रचार करने को कहा गया है। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिक समूहों के साथ मिलकर हर वार्ड में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके।

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