रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों को लेकर सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कोंडागांव जिले के दहिकोंगा स्थित तेंदूपत्ता फड़ का औचक निरीक्षण किया।
मैदान में उतरकर की जांच: गुणवत्ता और भुगतान व्यवस्था पर फोकस
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने तेंदूपत्ता की गुणवत्ता का जायजा लिया और संग्राहकों को मिलने वाले ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया को बारीकी से समझा। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि संग्राहकों को समय पर और पारदर्शी तरीके से भुगतान मिले।
मोबाइल से खुद की एंट्री: संग्राहकों के खाते में पहुंचाया पैसा
मंत्री केदार कश्यप ने मौके पर ही दो संग्राहकों के मोबाइल में स्वयं ऑनलाइन एंट्री कर भुगतान प्रक्रिया पूरी कराई। इस पहल ने डिजिटल व्यवस्था की प्रभावशीलता को सीधे तौर पर प्रदर्शित किया और संग्राहकों में भरोसा बढ़ाया।
डिजिटल सिस्टम पर जोर: पारदर्शिता और तेजी सरकार की प्राथमिकता
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, ताकि उन्हें बिना किसी देरी के सीधे उनके खातों में राशि मिल सके। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।
तेंदूपत्ता तिहार की शुभकामनाएं: संग्राहकों से किया सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने संग्राहकों से बातचीत कर उन्हें तेंदूपत्ता तिहार की बधाई दी और शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संग्राहकों की आय बढ़ाने और उनकी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
अधिकारियों की मौजूदगी में समीक्षा: योजनाओं की प्रगति पर नजर
इस दौरान कोंडागांव के वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह, संयुक्त वन मंडलाधिकारी डॉ आशीष कोटरिवार सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। मंत्री ने सभी से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
संदेश साफ: संग्राहकों की आय और सम्मान दोनों बढ़ाना लक्ष्य
सरकार की इस पहल से साफ संकेत मिलता है कि तेंदूपत्ता से जुड़े श्रमिकों की आर्थिक स्थिति सुधारने और उन्हें सम्मानजनक सुविधा देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।



















