खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के चिचोला गांव की 14 वर्षीय छात्रा देविका वर्मा का शव बिलासपुर जिले के ग्राम किसान परसदा स्थित रेलवे ट्रैक पर मिलने से इलाके में शोक और आक्रोश फैल गया है। जानकारी के अनुसार, देविका 28 मार्च की रात से लापता थी।
देविका का परिवार और लापता होने की घटना
देविका कक्षा आठवीं में पढ़ती थी और परिवार की चार बहनों में से एक थी। उनके पिता शैलेंद्र वर्मा स्थानीय हाईस्कूल में स्वीपर के रूप में कार्यरत हैं, जबकि माता आंगनबाड़ी में रसोइया हैं। परिजनों के अनुसार, 28 मार्च की रात लगभग 10:30 बजे देविका घर से लापता हो गई थी। अगले दिन दोपहर करीब 12 बजे खैरागढ़ थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
शव की बरामदगी और पहचान
29 मार्च को बिलासपुर के मस्तूरी थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास एक अज्ञात किशोरी का शव बरामद हुआ। 31 मार्च को परिजनों द्वारा शव की पहचान की गई और पुष्टि हुई कि यह देविका वर्मा की ही है। इसके बाद खैरागढ़ पुलिस ने परिजनों के साथ मिलकर बिलासपुर पहुंचकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस की जांच और परिजनों की चिंता
परिजन पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारणों का जल्द पता लगाया जाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मौत हादसे के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।
पुलिस ने सभी एंगल से जांच तेज कर दी है और अपराधियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।



















