छत्तीसगढ़ में बढ़ रहा ओल्ड पेंशन स्कीम का रुझान, 2.9 लाख कर्मचारियों ने चुना OPS

छत्तीसगढ़ : में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की ओर रूझान बढ़ता जा रहा है। नए आंकड़ों के अनुसार अब तक 2 लाख 91 हजार 797 कर्मचारियों ने नई पेंशन स्कीम (NPS) की बजाय ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को चुना है।

बीजेपी विधायक पुन्नूलाल मोहले ने विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन यानी 20 मार्च को इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने पूछा कि 2004 के बाद से कितने कर्मचारियों ने OPS का चयन किया और पेंशन व्यवस्था किस तरह से संचालित हो रही है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में साल 2004 में NPS लागू किया गया था, जबकि 2022 में OPS को फिर से लागू किया गया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 2004 से पहले कर्मचारी OPS के तहत आते थे और बाद में कर्मचारियों को दोनों विकल्प दिए गए।

NPS के तहत कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान होता है। कर्मचारी अपने वेतन का 10% और नियोक्ता 14% का योगदान करते हैं। वहीं OPS में वेतन का 10% कटता है और यह रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को पेंशन के रूप में मिलता है।

वित्त मंत्री ने बताया कि 15 फरवरी 2026 तक पेंशन निधि में 1,068 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, जिससे कुल फंड 1,120 करोड़ रुपये का बन गया है। यदि किसी वित्तीय वर्ष में पेंशन व्यय 20% से अधिक हो जाता है, तो अतिरिक्त भुगतान इसी निधि से किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में OPS की बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि कर्मचारी स्थिरता और पेंशन सुरक्षा के लिए पुराने मॉडल की ओर लौट रहे हैं।

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