रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक इंद्र साव ने बलौदाबाजार-भाटापारा क्षेत्र में मंदिरों और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार तथा धर्मशाला निर्माण के मुद्दे को सदन में जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल से पूछा कि क्षेत्र से धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और धर्मशाला निर्माण के लिए विभाग को कितने प्रस्ताव प्राप्त हुए और उनमें से कितनों को स्वीकृति मिली है।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि जिले से मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए कुल 74 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से मात्र 16 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है। इन स्वीकृत प्रस्तावों के लिए 78.43 लाख रुपये की राशि जारी की गई है।
विधायक इंद्र साव ने आगे कबीरपंथ के प्रमुख तीर्थ स्थल दामाखेड़ा में बिजली, पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह तीर्थ स्थल लाखों श्रद्धालुओं का केंद्र है और यहां पर्यटन एवं धार्मिक महत्व को देखते हुए बेहतर सुविधाएं जरूरी हैं।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने जवाब में आश्वासन दिया कि विभाग को जितनी भी मांग प्राप्त हुई है, उससे दोगुनी राशि उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
चर्चा के दौरान विधायक इंद्र साव ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा मंदिरों और सनातन परंपरा के नाम पर चुनाव जीत जाती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन स्थलों के जीर्णोद्धार और विकास का काम नहीं होता। इस बयान पर सत्तापक्ष के विधायकों ने तीखी आपत्ति जताई और सदन में जोरदार हंगामा किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सनातन परंपरा, मंदिरों और धार्मिक स्थलों के संरक्षण व विकास के प्रति पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंदिरों के जीर्णोद्धार पर बहस: बलौदाबाजार-भाटापारा से 74 प्रस्ताव, केवल 16 को मिली स्वीकृति, कांग्रेस विधायक ने लगाया राजनीतिक तंज, सत्तापक्ष ने किया हंगामा



















