CG News: राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में एक महिला ने अपने पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई कि उसका पति हर पांच साल में पत्नी बदलने की आदत रखता है और अब चौथी शादी करने की तैयारी कर रहा है. महिला ने बताया कि अभी तक दोनों का कानूनी रूप से तलाक नहीं हुआ है, फिर भी पति दोबारा विवाह करने की कोशिश कर रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने तुरंत संज्ञान लिया और पुलिस को सतर्क रहने के साथ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
कोरबा की महिला ने सुनाई आपबीती
जलसंसाधन विभाग के प्रार्थना सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय जनसुनवाई के दौरान कोरबा जिले की इस महिला ने अपनी पीड़ा साझा की. उसने बताया कि उसके पति की आदत रही है कि वह लगभग हर पांच साल में अपनी पत्नी बदल लेता है. वर्तमान में पति-पत्नी के बीच चार अलग-अलग मामले अदालत में विचाराधीन हैं और अभी तक विवाह विच्छेद की कोई डिक्री जारी नहीं हुई है. ऐसे में कानूनन तलाक के बिना दूसरी शादी करना अपराध की श्रेणी में आता है.
पति की दूसरी शादी अवैध, आयोग ने दिए निर्देश
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने स्पष्ट किया कि जब तक दोनों विधिक रूप से पति-पत्नी हैं, तब तक पति द्वारा दूसरी शादी का प्रयास पूरी तरह अवैध माना जाएगा. आयोग ने कोरबा के संरक्षण अधिकारी और पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि यदि आरोपी विवाह करने की कोशिश करे तो तत्काल उसे रोका जाए. साथ ही महिला को यह अधिकार भी दिया गया है कि वह अपने पति और इस अवैध कार्य में सहयोग करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है. आयोग के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल चौथी शादी की तैयारियों पर रोक लग गई है.
समझाइश के बाद फिर साथ रहने को तैयार हुआ दंपती
जनसुनवाई में एक अन्य मामले में पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को सुलझाते हुए परिवार को फिर से एकजुट किया गया. शादी के बाद पति पुणे में ड्राइवर का काम करने चला गया था, जिस पर पत्नी ने दूसरी महिला से संबंध होने और कार की मांग करने का आरोप लगाया था. सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को समझाइश दी गई, जिसके बाद पति-पत्नी साथ रहने को तैयार हो गए. इस समझौते के बाद पांच महीने की मासूम बच्ची को पहली बार अपने पिता का स्नेह मिला.
सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वाले कैमरामैन ने मांगी माफी
एक अन्य प्रकरण में जीपीएम जिले के एक कैमरामैन द्वारा सोशल मीडिया पर एक मृत व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का मामला सामने आया. मृतक की पत्नी ने इसकी शिकायत आयोग से की थी. आयोग की सख्ती के बाद कैमरामैन ने सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करते हुए परिवार से हाथ जोड़कर माफी मांगी.
प्रेम विवाह के 15 दिन बाद पत्नी को घर से निकाला
प्रेम विवाह के मात्र 15 दिन बाद पत्नी को जातिगत प्रताड़ना देकर घर से निकालने के मामले में भी आयोग ने सख्त रुख अपनाया. महिला थाना प्रभारी को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं.
दिव्यांग कर्मचारी की शिकायत पर जांच के आदेश
एक दिव्यांग महिला कर्मचारी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर अनावश्यक नोटिस जारी कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. आयोग ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य स्तर के अधिकारी को नियुक्त करते हुए दो माह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.
संपत्ति विवाद में मां को मिला मकान बेचने का अधिकार
संपत्ति विवाद से जुड़े एक मामले में बेटे द्वारा मां को मकान बेचने से रोकने की शिकायत सामने आई. आयोग की समझाइश के बाद बेटा इस बात के लिए तैयार हो गया कि उसकी मां अपनी इच्छा से मकान बेच सकती है. मामले की निगरानी के लिए संरक्षण अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
जमीन और क्लेम राशि के मामले में एसडीएम करेंगे जांच
जांजगीर-चांपा जिले में सौतेली मां द्वारा 25 लाख रुपये के क्लेम और जमीन पर कब्जा करने के आरोप के मामले में भी आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है. एसडीएम को जांच कर आवेदिका को उसका अधिकार दिलाने के निर्देश दिए गए हैं.
आठ जिलों के 159 मामलों की हुई सुनवाई
बिलासपुर संभाग के आठ जिलों से कुल 159 मामलों की सुनवाई इस महा जनसुनवाई में की गई, जिनमें से 34 प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया. महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान कई विवादों का समाधान कराया गया, जिसमें एक परिवार को फिर से साथ लाने से पांच माह की बच्ची को भी अपने पिता का स्नेह मिल सका.



















