छत्तीसगढ़ : के राजनांदगांव जिले में Rajnandgaon Fraud का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें महिला स्व-सहायता समूह से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की गई। डोंगरगांव पुलिस ने इस मामले में दो साल से फरार चल रही आरोपी महिला अध्यक्ष गणेशिया बाई बघेल (60 वर्ष) को महाराष्ट्र के नागपुर जिले के कलमना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई का नेतृत्व प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कुमार ने किया।
पुलिस के अनुसार यह मामला ग्राम करेठी स्थित “प्रज्ञा महिला स्व-सहायता समूह” से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि समूह की अध्यक्ष गणेशिया बाई बघेल ने अन्य सदस्यों को बिना जानकारी दिए 9 जनवरी 2024 को समूह के नाम पर बैंक से 8 लाख 85 हजार रुपये का लोन लिया। नियम के अनुसार यह राशि समूह के खाते में जमा होनी थी, लेकिन आरोपी ने इसे अपने निजी उपयोग में खर्च कर दिया।
शिकायतकर्ता पेमिन साहू की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने गबन की गई राशि का उपयोग शेयर बाजार में निवेश करने, घर के लिए टीवी, फ्रिज, कूलर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदने और मकान की मरम्मत कराने में किया। इसके अलावा कुछ पैसे निजी खर्चों में भी खर्च किए गए।
इस Rajnandgaon Fraud मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नागपुर के कलमना इलाके में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी महिला ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में सख्त संदेश गया है। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।



















