हैदराबाद: आज 22 अगस्त, 2025 शुक्रवार, के दिन भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि है. इस तिथि पर भगवान रुद्र शासन करते हैं. साधना करने, शिव पूजा और समस्याओं पर काबू पाने की योजना बनाने के लिए ये एक अच्छा दिन है. लेकिन, विवाह या शुभ समारोह इस दिन नहीं करना चाहिए. आज पिठोरी अमावस्या है, जिसे दर्श अमावस्या भी कहते हैं. चतुर्दशी तिथि पूर्वाह्न 11.55 बजे तक है.
22 अगस्त का पंचांग
- विक्रम संवत : 2081
- मास : भाद्रपद
- पक्ष : कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
- दिन : शुक्रवार
- तिथि : कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
- योग : वरियान
- नक्षत्र : अश्लेषा
- करण : शकुनी
- चंद्र राशि : कर्क
- सूर्य राशि : सिंह
- सूर्योदय : सुबह 06:18 बजे
- सूर्यास्त : शाम 07:06 बजे
- चंद्रोदय : सुबह 05.43 बजे (23 अगस्त)
- चंद्रास्त : शाम 06.32 बजे
- राहुकाल : 11:06 से 12:42
- यमगंड : 15:54 से 17:30
इस नक्षत्र में शुभ कार्य से करें परहेज
आज के दिन चंद्रमा कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में रहेंगे. कर्क राशि में अश्लेषा नक्षत्र का विस्तार 16:40 से 30 डिग्री तक है. इसके देवता सर्प और नक्षत्र स्वामी बुध हैं. इस नक्षत्र को अच्छा नहीं माना जाता है. किसी भी तरह का शुभ कार्य करने से इस नक्षत्र में बचना चाहिए. हालांकि युद्ध में सफलता की तैयारी, तांत्रिक कार्य, कारावास या अलगाव से जुड़े कार्य, विनाश के कार्य और वरिष्ठों के साथ गठबंधन तोड़ने के कार्य इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 11:06 से 12:42 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.