MUZAFFARPUR. मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अमृतसर-जयनगर एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 14673) के जनरल कोच में 6 बच्चे अपनी मां से बिछड़ गए. इनमें तीन लड़कियां (अनीश, ज्योति, श्रुति), दो लड़के (पुनीत, प्रनसी) और एक 3 महीने का मासूम प्रिंस शामिल था. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को सुरक्षित ढूंढ निकाला और चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा.
मां सामान लेने उतरी, ट्रेन चल पड़ी
बच्चे अपनी मां के साथ नानी के घर से पिता के पास जयनगर जा रहे थे. रास्ते में ट्रेन के रुकने पर मां सामान लेने उतरीं, लेकिन ट्रेन चल पड़ी और वे डिब्बे में वापस नहीं चढ़ पाईं. बच्चों के अकेले रह जाने की सूचना मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष, सोनपुर को मिली, जिसके बाद RPF ने तुरंत कार्रवाई शुरू की.
RPF की त्वरित कार्रवाई
मुजफ्फरपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर ट्रेन पहुंचते ही उपनिरीक्षक सुष्मिता कुमारी, महिला आरक्षी श्वेता लोधी और धर्मेंद्र कुमार ने बच्चों की तलाश शुरू की. कड़ी मेहनत के बाद सभी 6 बच्चों को सुरक्षित ढूंढ लिया गया. RPF पोस्ट पर पूछताछ में बच्चों ने अपना पता अरनामा, जयनगर बताया. मां के आने में देरी होने पर 3 महीने के प्रिंस को दूध पिलाकर शांत कराया गया.
चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपे बच्चे
RPF इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें चाइल्ड हेल्प डेस्क, मुजफ्फरपुर को सौंप दिया गया. इस घटना ने रेलवे स्टेशनों पर बच्चों की सुरक्षा और RPF की तत्परता को फिर से रेखांकित किया है.