भीलवाड़ा, 26 जून —
हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर, भीलवाड़ा में सतगुरु बाबा हरिराम साहब जी की 78वीं वार्षिक वर्सी का चार दिवसीय उत्सव एकम तिथि, गुरुवार 26 जून से श्रद्धा और भक्ति के साथ प्रारम्भ हुआ।
उत्सव की शुरुआत प्रातःकाल आश्रम परिसर स्थित सतगुरुओं की समाधियों, दरबार साहब, आसण साहब पर शीश नवाने एवं प्रार्थना के साथ हुई। ब्राह्मण मंडलियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ सम्पन्न हुआ। तत्पश्चात् श्री रामायण का अखंड पाठ आरम्भ किया गया, जिसमें संत-महात्माओं की दिव्य उपस्थिति रही।
सत्संग प्रवचनों की श्रृंखला में पुष्कर से पधारे श्रीमहंत हनुमानराम उदासीन ने भजन “हरदम तोखे याद कयूं था सजण सुबू ऐंहि शाम हलीया संत सचा हरिराम” प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। महामण्डलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने भजन “ऐसी किरपा मोहे करो, सन्तन चरण हमारो माथा” के माध्यम से सतगुरुओं की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को जीवन में प्रभु चरणों में नतमस्तक रहने की प्रेरणा दी।
उन्होंने आधुनिकता की दौड़ में बच्चों में घटते धार्मिक संस्कारों पर चिंता जताई और माता-पिता से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों को समय देकर धर्म और संस्कृति की ओर प्रेरित करें। उन्होंने भजन “हर दम हर हन्द हरि आये साण, लट्ठ सा हकल करे हलाये थो पाण” के माध्यम से सतगुरुओं की शिक्षाओं का उल्लेख किया।
इस पावन अवसर पर श्रीसीताराम गौशाला में गौ सेवा, अन्न क्षेत्र में सेवा, तथा संतों और विप्रजनों के लिए विशेष भण्डारे का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर दूर-दराज से पधारे संत-महात्माओं में श्रीमहंत स्वरूपदास (अजमेर), श्रीमहंत हनुमानराम (पुष्कर), महंत आत्मदास (उज्जैन), महंत श्यामदास (किशनगढ़), स्वामी ईश्वरदास, स्वामी अर्जुनदास (अजमेर), स्वामी मोहनदास चंदन (इंदौर) सहित उदासीन निर्वाण मंडल के अनेक संतों ने संगत को दर्शन लाभ दिया।
सांयकाल में नितनेम, हनुमान चालीसा पाठ, और भजन संध्या आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न भक्त मंडलियों द्वारा भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी गई।
उत्सव का दूसरा दिन — 27 जुलाई (शनिवार):
चार दिवसीय वार्षिकोत्सव के अंतर्गत शनिवार, 27 जुलाई को धर्म प्रेमियों के लिए विशेष दिन होगा। इस दिन श्री श्रीचंद्र सिद्धांत सागर का अखंड पाठ प्रारम्भ होगा, श्रीरामायण के अखंड पाठ का भोग डाला जाएगा, सांयकाल में धर्मध्वजा (झण्डा साहिब) की विधिवत स्थापना आश्रम परिसर में की जाएगी। साथ ही, भगवान जगन्नाथ यात्रा के आश्रम आगमन पर भव्य स्वागत एवं प्रसाद वितरण भी किया जाएगा।